विक्रेताओं ने एसडीएम को स्टांप दोगुने दाम में बेचा
11 वेंडर से स्पष्टीकरण तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल (महराजगंज)। तहसील में स्टांप पेपर की कालाबाजारी की जांच करने के लिए आम आदमी कई महीने से परेशान है। जबकि वेंडर स्टांप को डंप कर दोगुने दाम वसूल रहे हैं। मंगलवार को आम आदमी बनकर एसडीएम स्टांप खरीदने पहुंचे तो उन्हें भी वेंडरों ने दोगुने दाम पर स्टांप दिया।
लोगों द्वारा की गई शिकायत का संज्ञान लेकर मंगलवार को उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार तहसील में स्टांप की खरीदारी करने निकले। इस दौरान उन्हें कोई पहचान न सका और आम आदमी समझ कर उनके साथ भी वही व्यवहार किया गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्य कोषागार से जानकारी लेने के बाद तहसील के 11 वेंडर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि स्टाम्प विक्रेताओं से स्वयं 10, 50 व 100 के स्टांप खरीदने के लिए प्रयास किया, जिसमें केवल एक स्टांप विक्रेता करुणेश चौधरी ने 10 का स्टैम्प 20 रुपये में दिया। साथ ही बताया कि यह अभी आपको मिल जा रहा है और किसी के पास नहीं मिलेगा। वहीं अन्य स्टांप विक्रेताओं ने स्टांप देने से मना किया। उनका कहना था कि इस समय नहीं है। उसके लिए आपको व्यवस्था करना पड़ेगा और वह भी कल मिलेगा। जिसके बाद मुख्य कोषाधिकारी महाराजगंज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिले पर कोषागार में स्टांप की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी कर अधिक मूल्य लेकर स्टांप बिक्री नहीं की जा सकती है। 11 स्टांप वेंडर/स्टांप विक्रेता से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।