उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
पूर्व मंत्री सुशील कुमार टीबडेवाल ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता परेशान है। वहीं अघोषित बिजली कटौती और बढ़े हुए बिजली बिलों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जाए तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद संकट दूर करने, बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने तथा अघोषित कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके अलावा पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, आरक्षण व्यवस्था की सुरक्षा तथा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक श्रीपति आजाद, जिला महासचिव समसुद्दीन अली, कृष्णभान सिंह सैंथवार, जिला उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव उर्फ लाला यादव, प्रणय गौतम, निरमेश मंगल, बिंद्रेश कनौजिया, मक्खू प्रसाद, छात्र सभा जिला अध्यक्ष यज्ञदत्त पासवान, अर्जुन यादव, नौशाद आलम, विक्रम यादव,अतुल पटेल, हरेन्द्र कृष्ण त्रिपाठी,संतोष कृष्ण त्रिपाठी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।