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दलित विरोधी है सपा सरकार

Fri, 05 Feb 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
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गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी व भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सपा सरकार अल्पसंख्यक व दलित विरोधी है। भ्रष्टाचार व अपराध संरक्षण सरकार का राजधर्म बन गया है। इसी कारण सपा सरकार से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए।
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देवेंद्र सिंह बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में उक्त बातें कहीं। आरोप लगाया कि 2012 में पीसीएस के 86 पदों में से मुख्यमंत्री ने इटावा परिक्षेत्र के 54 लोगों को भ्रष्ट तरीके से चयनित कराया। गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन और फैजाबाद मंडल का कोई भी अभ्यर्थी चयनित नहीं किया गया।

सरकार ने अपने बंधु बांधवों को साक्षात्कार में जहां 135 से 140 नंबर दिलाए वहीं सामान्य वर्ग को 100 नंबर और दलित तथा अल्पसंख्यक वर्ग के अभ्यर्थियों को 80 नंबर दिलाए। सामान्य वर्ग की सीटों पर भी ओवरलैपिंग कर अपनों को चयनित कराया। यही नहीं दलित अभ्यर्थियों की सीटों पर भी अपनों का चयन कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
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अल्पसंख्यकों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाली सरकार अल्पसंख्यकों व दलितों की विरोधी है। भर्ती भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए एक हिस्ट्रीशीटर को उप्र लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। प्रतिभाशाली नौजवानों के साथ हुए अन्याय को लेकर वे राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मिले।

एमएलसी ने कहा कि जुझारू तेवर के कारण विधान परिषद को एक नई पहचान दी है। इस बार वे भाजपा से प्रत्याशी हैं। अपील की है कि भारी मतों से जिताएं।

देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को दीवानी न्यायालय में अधिवक्ताओं से मुलाकात की। कहा कि जब कोई सरकार प्रतिभाशाली नौजवानों से उनके सपने छीने, उनसे उनका सुनहरा भविष्य छीने, उनकी प्रतिभा और योग्यता को भ्रष्टाचार की बेदी पर बलि चढ़ा दे तो क्या राजनीति और समाज का कोई दायित्व नहीं होता। ऐसी भ्रष्ट सत्ता और व्यवस्था को उखाड़ फेंकने के लिए साथ दें।

जन चेतना का ऐसा वातावरण तैयार करें कि जनादेश के माध्यम से भ्रष्टाचार और अपराध की संरक्षक सरकार फिर कभी सत्ता में न आए। विधान परिषद के चुना में एक लिख कर प्रथम वरीयता दें।
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