नौतनवा। गोरखपुर-नौतनवा रेलखंड पर चलने वाली सवारी गाड़ियों के आवागमन का रूटीन बीते कई दिनों से गड़बड़ चल रहा है। इससे रेल मार्ग के भरोसे यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। स्टेशन पर घंटों इंतजार के बाद कभी ट्रेन लेट होने तो कभी निरस्त होने की जानकारी मिलने के बाद लोग निराश लौट रहे हैं।
व्यापारी नेता संतोष जायसवाल ने कहा कि खरीदारी के लिए लंबी दूरी तक सफर करने को व्यापारियों के लिए रेल मार्ग ही सबसे सरल, सुगम और सुरक्षित माना जाता है, लेकिन, नौतनवा रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों का कोई समय ही निर्धारित न रहने के कारण व्यापारियों को आए दिन मुसीबत झेलनी पड़ रही है। लिहाजा व्यापारी असुविधाओं का सामना कर निजी वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं।
समाजसेवी शाहनवाज खान ने कहा कि ट्रेन से रोजाना नौकरी पेशा और विद्यार्थियों का आवागमन बना रहता है। कम पैसे और समय में ही लोग आसानी से अपने गंतव्य तक भी पहुंच जाते हैं, लेकिन इन दिनों नौतनवा रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी सभी को निराश कर रही है। आए दिन देर होने के कारण समय से अपने कार्य स्थल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ट्रेन मिली तो मात्र 45, वरना 120 रुपये करने पड़ते हैं खर्च : नौतनवा। रेलवे स्टेशन से समय से ट्रेन मिलने पर यात्रियों को गोरखपुर तक की यात्रा के लिए मात्र 45 रुपये ही खर्च करने होते हैं। वहीं अगर किसी कारण वश ट्रेन की यात्रा कैंसिल हुई तो सफर का किराया बढ़कर 120 रुपये हो जाता है।
समय से ट्रेन मिल जाया करे तो बस के चक्कर में यात्रियों को अपनी जेब अतिरिक्त ढीली नहीं करनी पड़ेगी और सुविधा भी बेहतर मिल सकेगी।