फोटो नेडा व अन्य कंपनियों ने 400 विद्यालयों में लगवाए हैं सोलर पैनल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। परिषदीय विद्यालयों में लगे सोलर पैनल बदहाल हो गए हैं। खराब होने के बाद उसके सुधार के लिए न तो कंपनी ध्यान दे रही है और न ही अधिकारी। ऐसे में विद्यालयों पेयजल व बिजली संबंधी समस्या बरकरार है।
जिले में 1695 परिषदीय विद्यालय हैं। टाटा कंपनी की ओर से करीब 200 स्कूलों व नेडा की ओर से करीब 200 स्कूलों में सोलर पैनल लगवाए गए हैं। उद्देश्य था कि सोलर पैनल के लग जाने से वैकल्पिक उर्जा का स्रोत उपलब्ध होगा। बिजली व पेयजल आदि की बेहतर सुविधा मिल सकेंगी। नगर क्षेत्र के 25 में से 20 विद्यालयों में सोलर पैनल लगे हुए हैं। इसमें से अधिकांश में सोलर पैनल खराब पड़े हैं।
प्राथमिक विद्यालय सदर प्रथम में वर्ष 2020 में नेडा की ओर से सोलर पैनल की स्थापना कराई गई थी। लगने के एक वर्ष बाद से ही वे क्रियाशील नहीं हैं। प्रधानाध्यापक संजय मिश्रा ने बताया कि सोलर पैनल के सुधार के लिए विभाग को कई बार पत्र भेजा गया, मगर कोई सुधार नहीं हो सका।
प्राथमिक विद्यालय सदर द्वितीय में वर्ष 2019 में टाटा कंपनी की ओर से सोलर पैनल लगाया गया था। एक वर्ष तक वह ठीक चला, मगर उसके बाद से जो उसमें खराबी आई वह अब तक ठीक नहीं हो सकी। प्रधानाध्यापक साधना सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से अब तक कोई नहीं आया। निजी रूप में कार्य करने वाला कोई मिस्त्री भी नहीं मिल रहा है।
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कोट
परिषदीय विद्यालयों में लगे सोलर पैनल की खराबी की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो उसके सुधार के लिए पहल की जाएगी।
-अनिरूद्ध कुमार दूबे, परियोजना निदेशक नेडा