महराजगंज। मिट्टी में किन तत्वों की कमी है, कौन से उर्वरक के प्रयोग की जरूरत है। इन सबकी जानकारी अब अन्नदाता अपने गांव में ही ले सकेंगे। कृषि विभाग की साइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत ग्राम पंचायतों में लैब स्थापित किए जा सकेंगे। बीएससी विज्ञान पास युवा लैब के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से 80 फीसदी अथवा 3.75 लाख रुपये अनुदान की व्यवस्था की गई है।
ऑनलाइन या उप कृषि निदेशक कार्यालय में इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए बीएससी बायो उत्तीर्ण और किसान परिवार से जुड़े होने की पृष्ठभूमि जरूरी है। खेती को आय का सशक्त माध्यम बनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। हर ग्राम पंचायत में मौसम की अपडेट के लिए यंत्र लगाने की योजना के साथ-साथ ग्राम पंचायत में किसानों के घर से जुड़े एक युवा को साइल हेल्थ लैब के लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।
ग्राम पंचायत में मृदा जांच लैब युवा खोल सकते हैं। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद लैब की लागत का 80 फीसदी अथवा 3.75 लाख रुपये का अनुदान मिल सकेगा। इस लैब से गांव के किसान बिना किसी भागदौड़ के अपने खेत की मिट्टी जांच करा सकेंगे और कम मिलने वाले पोषक तत्वों के अनुसार उर्वरक प्रयोग कर उत्पादन ग्राफ बढ़ा सकेंगे। एक तरह के उर्वरक के निरंतर प्रयोग से मिट्टी की उपज क्षमता को प्रभावित होने से भी बचाया जा सकेगा। टेस्टिंग लैब के संचालन का प्रशिक्षण भी आवेदन करने वाले युवाओं के लिए की गई है।
साइल टेस्टिंग लैब के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आवेदक को अनुदान लाभ मिल सकता है। इसके लिए विभाग से संपर्क करें अथवा एग्रीकापडाटएनाईसीडाटइन पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रत्येक वर्ष इसका लक्ष्य शासन से तय किया जाता है। इस बार अक्तूबर माह में इसके लिए आवेदन करना था, लेकिन एक भी आवेदन नहीं आए।
-वीरेंद्र कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक