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Maharajganj News: भारतीय प्याज की तस्करी, बाॅर्डर पार करते दोगुना हो जा रहा दाम

Sat, 13 Apr 2024 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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-50 से 60 रुपये किलो भेज रहे तस्कर, भारत ने प्याज के निर्यात पर लगा रहा है प्रतिबंध
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारतीय क्षेत्र में प्याज का भाव गिरा है। यहां से 20 से 25 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद कर तस्कर नेपाल में 50 से 60 रुपये किलो बेच रहे हैं। इसके चलते भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में प्याज की कीमत बढ़ गई है। जिले के सीमावर्ती बाजारों में पहले प्याज 20-25 रुपये किलो बिक रही थी। अब 30 रुपये प्रति किलो बिक रही है। भारत सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है। उसके बाद से प्याज की तस्करी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, भारत के प्याज मंडी कानपुर, बाराबंकी, नासिक, मध्यप्रदेश से सस्ते दामो में प्याज नौतनवा, ठूठीबारी और निचलौल कस्बे में डंप किया जा रहा है। उसके बाद छोटे पिकअप वाहन से सीमावर्ती गांव में रखकर साइकिल और बाइक से नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है। इन दिनों नेपाल में प्याज का भाव थोक में भारत की तुलना में दो गुना है। तस्कर इसका फायदा उठाने में लगे हैं। पगडंडियों के रास्ते प्याज को आसानी से नेपाल पहुंचाकर मोटी रकम अर्जित कर रहे हैं। तीन माह से प्याज की तस्करी काफी बढ़ गई है। कैरियर प्याज को बाइक व साइकिल से सीमा पार पहुंचाते हैं। प्याज पर प्रतिबंध के बाद नेपाल में यह समस्या हुई है। नेपाल में लोग मांसाहार ज्यादा पसंद करते हैं। उसके लिए प्याज की मांग अधिक है। इसलिए प्याज की तस्करी चरम पर है।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। बरामदगी समय समय पर की जाती है।


कैरियर को मिलता है प्रतिकिलो 15 रुपये
प्याज की तस्करी के लिए धंधेबाजों ने कोल्हुई, नौतनवा, सोनौली, हरदी डाली, शेख फरैना, कैलाश नगर, भगवानपुर, बरगदवा, ठूठीबारी , निचलौल, सिसवा में प्याज को लाते हैं। फिर पगडंडियों के रास्ते कैरियर प्याज को नेपाल पहुंचा रहे हैं। इसके लिए वह बाइक और साइकिल का प्रयोग करते हैं। एसएसबी व पुलिस कभी-कभार इन्हें पकड़ती भी है, पर धंधेबाज मौके से फरार हाेने में कामयाब हो जाते हैं। जिसके बदले प्रतिकिलो 15 रुपए का लाभ होता है।

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सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करों ने बनाया डंपिंग स्टेशन
तस्करों ने भारतीय सीमा में स्थित गांवों में डंपिंग स्टेशन बना रखा है। भारतीय बाजार कानपुर ,नासिक से प्याज खरीदकर वे सीमावर्ती गांवों में इकट्ठा कर लेते हैं। बाद में कैरियर की मदद से यह सामान नेपाल सीमा में पहुंचा देते हैं। तस्करों के नेटवर्क से जुड़े कारोबारी सामानाें की खरीदारी कर सीमावर्ती गांवों में बनाए गए तस्करों के डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाते हैं।
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नेपाल के बाजार में बिक रहे हैं 90 फीसदी भारतीय प्याज
नेपाल में प्याज एक्सपोर्ट पर भारत ने रोक लगा रखा है। उसके बाद भी नेपाल के बाजार में 90 फीसदी प्याज भारत के दिख रहे हैं। कालीमाटी फल और सब्जी बाजार विकास बोर्ड के सूचना अधिकारी बिनय श्रेष्ठ ने कहा कि कालीमाटी बाजार में सामान्य दिनों की तरह प्याज की सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा कि कुल आवक में से 90 फीसदी प्याज भारत के हैं। नेपाल के भैरहवा बुटवल चितवन और पोखरा की मंडियों में प्याज 60 से 70 रुपए तक बिक रही है। तस्करों का एक सिंडिकेट सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में सक्रिय है।
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