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Maharajganj News: तस्करों की वन क्षेत्र में बढ़ी दखल, विलुप्त हो रहे हिरण

Tue, 13 Aug 2024 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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बरामद सींग। 
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महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के जंगलों से संरक्षित वन्य जीव हिरण पर तस्करों की नजर गड़ गई है। तस्करों की वन क्षेत्र में दखल बढ़ गई है। वह सींग के लालच में बेजुबानों की जान ले रहे हैं। इससे इनकी संख्या भी घट रही है।
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हिरण के संरक्षण के लिए कानून बनने के बाद भी वन विभाग की ओर से कोई ठोस बंदोबस्त नहीं किया जा रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही का फायदा उठाकर तस्कर हिरण की सींग नेपाल पहुंचा रहे हैं। जहां तस्कर हिरण के सींग को महंगे दामों में बेचकर मोटी रकम कमा रहे है। बीते दिनों हिरण का सींग बरामद भी हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल, मधवलिया, चौक, लक्ष्मीपुर, पकड़ी, शिवपुर सहित अन्य वन क्षेत्रों के घने जंगलों और मैदानी इलाकों में सांभर और चीतल प्रजाति के हिरन पाए जाते हैं। वन विभाग की ओर से मिले आंकड़ों के मुताबिक, सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के वन रेंज क्षेत्र के जंगलों में तेंदुए की संख्या 67 हैं। जबकि चीतल 2004, सांभर 469, नीलगाय 2494, जंगली सुअर 3803, बंदर 7586, लंगूर 4916, सियार 1285, जंगली बिल्ली 113, मगरमच्छ 166, काकड़ 416, खरगोश 573, वनगाय 680 की संख्या में मौजूद हैं।
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हाल ही में एक अगस्त को निचलौल थाना क्षेत्र के झुलनीपुर नहर पटरी मार्ग स्थित तेरह चार नहर पुल के पास से एक पिकअप में छिपाकर रखे हिरन का सींग बरामद हुआ था। वही मौके से एसएसबी ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। जिसे वन विभाग ने न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। इतना ही नहीं अभी पूरे प्रकरण की जांच पड़ताल चल ही है।

वन्य जीवों को सुरक्षित रखने और उनकी निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम लगातार वन क्षेत्रों में गश्त करती है। इतना ही संदिग्धों पर लगातार निगरानी रखती है। वन्य जीव अधिनियम के तहत दोषी मिलने पर आरोपी को सात साल तक की सजा का प्रविधान है।
-आरसी मालिक, डीएफओ


पहले भी बरामद हो चुका है हिरण का सींग
इसके पहले 4 जुलाई को भारत नेपाल बॉर्डर से सटे बरगदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरगदवा गांव में एसएसबी, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक घर पर छापा मारा था। इस दौरान टीम ने घर की तलाशी लेकर सांभर प्रजाति के हिरन के 7 सींग और 3 किलो गांजा बरामद किया था। जबकि मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। टीम ने बरामद हिरण के सींग और गांजा को कब्जे में लेकर गिरफ्तार आरोपी को जेल भेज दिया था। जबकि मुख्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहा था।


दवा बनाने में होता है उपयोग
जानकारी के मुताबिक, हिरन के सींग का प्रयोग शक्तिवर्धक दवा के लिए किया जाता है। इतना ही नहीं छोटे बच्चों को खांसी जुकाम होने और पसलियां चलने पर भी सिंग को घिसकर छाती पर लेप लगाया जाता हैं। इस लिहाज से भी हिरन के सींग का तस्करी भी की जाती है।
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