संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। निर्माण कार्य स्थल से उड़ने वाली धूल, कस्बों में लगने वाले जाम व धुएं से हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। एक्यूआई का स्तर 147 स्तर पर पहुंच गया है। हवा के जहरीली होने के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है।
यही कारण है कि लोग मास्क लगाकर चलने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नगर के अलावा कई इलाकों में जाम की वजह से कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है। इन इलाकों में दिन दिल्ली जैसा हाल बन रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन स्थलों में बच्चे और बुजुर्ग जाने से परहेज करें। साथ ही सांस के रोगी विशेष सतर्कता बरतें। क्योंकि उनकी समस्या और गंभीर हो सकती है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के ओपीडी और इमरजेंसी की बात करें तो यहां प्रतिदिन 20-30 मरीज पहुंचे रहे हैं।
इमरजेंसी के मरीजों को ऑक्सीजन देने के साथ इलाज किया जा रहा है, जबकि ओपीडी के मरीजों को दवा के साथ-साथ एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। जानकार बारिश होने तक यह हालात बने रहने की बात कर रहे हैं। सेहत को देखते हुए तब तक खुर्द अलर्ट रहना होगा, ऐसी उनकी सलाह है।
गोरखपुर मार्ग पर यही हाल : नगर से गोरखपुर जाने वाले हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। नगर से मदनपुर तक एनएच का निर्माण चल रहा है। जहां अभी सड़क को चौड़ी करने के लिए खाेदाई और गिट्टी गिराई जा रही है।
हाल यह है कि आठ किलोमीटर की दूरी अगर साइकिल या बाइक से तय कर रहे हैं तो धूल का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि कपड़ा धूल से ढक जा रहा है। अब सोचिए अगर कपड़ा धूल से ढक जा रहा है तो सांस लेने में कितनी धूल फेफड़े पर जम जाती होगी। हजारों की संख्या में लोग इसी परेशानी को झेल रहे हैं। यही हाल बढ़नी-सनई मार्ग पर सनई से गहवनिया के बीच है। जहां हाईवे का निर्माण चल रहा है। जहां समस्या दिख रही है।
बढ़ गए सांस के रोगी : नवंबर लगने के बाद से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। दीपावली में एक्यूआई 160 पहुंच गया था। मौजूदा समय में 147 है। 100 से ऊपर एक्यूआई का पहुंचना खतरे की घंटी है। इसी का असर है कि नवंबर लगने के बाद इमरजेंसी में सांस के रोगी बढ़ गए हैं।
24 घंटे में 14-16 रोगी पहुंच रहे हैं। कई को ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ रही है। वहीं, कुछ लोगों को भर्ती करके इलाज करना पड़ रहा है। यही हाल ओपीडी का है। यहां भी फिजिशियन के पास 10-15 मरीज पहुंच रहे हैं। जिन्हें दवा देने के साथ ही एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।