महराजगंज। परसामलिक थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के आरोप के मामले में नया मोड़ आ गया है। सोमवार को किशोरी अपने भाई और अधिवक्ता के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। भाई ने कहा कि साहब, न तो उसका अपहरण हुआ था और न ही उसकी बहन का, बल्कि उसने खुद बहन की शादी अपने दोस्त से आर्य समाज मंदिर में करा दी। क्योंकि माता-पिता उसकी शादी नेपाल में एक 40 वर्षीय व्यक्ति से करवाना चाहते थे।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह के समक्ष बयान देने के बाद पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिवक्ता ने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए इस मामले को जबरन धर्मांतरण से जोड़कर दुष्प्रचार कर रहे हैं। पुलिस को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे। इस खुलासे के बाद पुलिस मामले कि नए सिरे से जांच कर रही है, और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी के बहकावे में आकर तो यह बयान नहीं दिया गया है। फिलहाल, पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का सच सामने आने की संभावना है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में कलम बंद बयान मंगलवार को होगा। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है।
सीओ ने किया गांव का निरीक्षण
परसामलिक थाना क्षेत्र में बीते दिनों परिजनों और ग्रामीणों ने किशोरी को भगा ले जाने का आरोप लगाकर तोड़फोड़ किया था। तबसे गांव में पीएसी तैनात है। सोमवार को सीओ नौतनवा जयप्रकाश त्रिपाठी ने निरीक्षण कर शांति व्यवस्था का हाल जाना। इस दौरान थानाध्यक्ष उमेश कुमार, उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार मौजूद रहे।