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एसआईआर : मतदाता सूची में नाम पर मैपिंग नहीं होने से बढ़ी परेशानी

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सदर ब्लाक में एसआईआर को लेकर लगी मतदाताओं की भीड़। 
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महराजगंज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया जिले भर में जारी है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी थी उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। बृहस्पतिवार को जनपद की सभी तहसीलों और ब्लॉकों में सुनवाई आयोजित की गई। बड़ी संख्या में नो मैपिंग वाले मतदाता पहुंचे और दस्तावेजों के साथ फार्म जमा किया।
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एआईजी स्टांप न्यायालय में एआईजी स्टांप आलोक कुमार और उप निबंधक सदर कमलेश चंद्र वर्मा की ओर से नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की दावे और आपत्तियों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान मतदाताओं की बात सुनकर प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेज पूर्ण मिलने पर मामलों का निस्तारण कर दिया गया। साथ ही जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे मिले उनके लिए अगली तिथि निर्धारित की गई।
सुनवाई के दौरान सोनाड़ी खास निवासी अंतिमा देवी उपस्थित हुईं। उन्होंने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची में तो दर्ज है लेकिन मैपिंग नहीं होने के कारण उन्हें बीएलओ की ओर से नोटिस दी गई थी। उन्होंने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध नहीं थी। नामित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और तीन फरवरी को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी।
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सोनाड़ी खास निवासी सादरून निशा भी सुनवाई के लिए पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनकी भी मतदाता सूची में मैपिंग नहीं हो सकी थी। निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस बीएलओ ने उन्हें रिसीव कराया था। सुनवाई के दौरान वह एआईजी स्टांप न्यायालय में उपस्थित हुईं, जहां सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने उनके दस्तावेजों की जांच की। बताया गया कि जाति प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। सादरून निशा ने पुनः सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किए तो मामले का निस्तारण कर दिया गया।
दरहटा निवासी सीमा देवी ने बताया कि मतदाता सूची में उनका मैपिंग नहीं हो सका था। बीएलओ ने नोटिस दिया था। नोटिस में अंकित तिथि पर वह संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय पहुंचीं। सुनवाई के दौरान उन्होंने सभी उपलब्ध कागजात प्रस्तुत किए लेकिन परिवार रजिस्टर की नकल में उनका नाम अंकित नहीं पाया गया।
अधिकारियों ने उन्हें जाति प्रमाण पत्र या अन्य वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैरागी देवी भी सुनवाई के लिए पहुंचीं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज तो है लेकिन मैपिंग सही नहीं हो सकी थी। सुनवाई के दौरान परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध न होने के कारण उनका मामला तत्काल निस्तारित नहीं हो सका।
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