संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। साहब! गांव में चकबंदी की कार्रवाई चल रही है। चक पैमाइश कराने के लिए एक वर्ष से दौड़ रही हूं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से चक की पैमाइश नहीं की जा रही है।
इसके चलते उनका चक नहीं मिल रहा है। लेखपाल से कई बार गुहार लगा चुकी हूं, लेकिन उन्हें दौड़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं जिम्मेदार उन्हे ऑफिस से भी भगा रहे हैं। इस मामले में वह तीन बार तहसील दिवस में भी आ चुकी हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है।
यह शिकायत बैठवलिया निवासी बुजुर्ग महिला विग्गू ने शनिवार को तहसील सभागार में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से की। डीएम अनुनय झा को दी शिकायती पत्र में पीड़िता विग्गू ने बताया कि उनके गांव में चकबंदी की कार्रवाई चल रही है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से आज तक उनके चक संख्या 459 की पैमाइश नहीं की गई।
डीएम ने संबंधित जिम्मेदार को मौके पर बुलाकर शिकायती पत्र देकर तत्काल समस्या के समाधान करने की नसीहत दी। निचलौल क्षेत्र के पिपराकाजी निवासी प्रमोद यादव ने बताया की उन्होंने गांव निवासी एक शख्स की जमीन खरीदने के लिए 28 फरवरी 2024 को साढ़े सात लाख रुपये दिए थे, लेकिन शख्स न रकम वापस कर रहा है न जमीन का बैनामा कर रहा है। इतना ही शख्स की ओर से उन्हें धमकी भी दी जा रही है। इस मामले में थाने पहुंच पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं हैं। रुद्ररौली गांव निवासी रामनरेश, बाबूराम, ब्रह्मा ने कहा की गांव स्थित खलिहान की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर निर्माण कर लिया है, जिसके चलते उन लोगों को कृषि कार्य करने में काफी परेशानी हो रही है। तहसील में शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। बैठवलिया निवासी मुन्ना, अनिल, सुनील, शिवम, प्रभाकर ने कहा की गांव में 15 वर्ष पूर्व पानी टंकी का निर्माण हुआ था। जो बीते करीब चार वर्षों से बंद पड़ा है।
पानी आपूर्ति की पाइप और बोर खराब हो चुकी है। ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिलीप सिंह, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, एसडीएम शैलेंद्र गौतम, क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, पंकज सिंह, गिरजाशंकर अग्रवाल मौजूद रहे।
122 मामले में 25 का निस्तारण : तहसील सभागार में आयोजित जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता डीएम अनुनय झा ने की। इस दौरान डीएम और एसपी की ओर से कुल 122 शिकायतें सुनी गई।
जहां पर 25 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जबकि अन्य बचे शिकायतों को जल्द निस्तारण करने के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया। इस दौरान पुलिस, विकास और राजस्व विभाग से जुड़ी अधिक मामले देखने को मिले। फरियादियों की समस्याएं सुनने के दौरान डीएम ने राजस्व विभाग से जुड़ी कुछ फाइल मंगाई। जहां पर डीएम ने फाइल की जांच की। जांच के दौरान फाइल में कुछ गड़बड़ी मिलने पर नाराजगी जताई। डीएम के सवालों का तहसीलदार सटीक जवाब भी नहीं दे पाए। ऐसे में डीएम ने तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव को फटकार लगाते हुए लापरवाही सुधारने की नसीहत भी दी।