-डीएम के सामने पहुंच पीड़िता ने सुनाई पीड़ा, 124 मामलों में 20 मामले निस्तारित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। मकान सड़क के चौड़ीकरण में आ गया है, जिसके मुआवजे के लिए फरवरी से ऑफिस का चक्कर लगा रही हूं। सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। कई माह बीतने के बाद भी मकान का मुआवजा नहीं मिला है। विभागीय अधिकारी दरवाजे पर बुलडोजर खड़ा कर मकान के ध्वस्तीकरण करने की धमकी देते हैं। मन में डर सता रहा है कि कहीं विभागीय कर्मचारी बिना मुआवजे के मकान न गिरा दें।
यह बातें फरेंदा क्षेत्र के परसा महंथ निवासी गायत्री देवी ने डीएम अनुनय झा के सामने पहुंच कर अपनी पीड़ा बयां की। डीएम को पत्र में पीड़ित महिला ने कहा कि मकान के मुआवजे के लिए फरवरी में ही लेखपाल द्वारा कागज को भू-अध्यापित अधिकारी के कार्यालय में भेज दिया गया था। कई बार ऑफिस में जाकर पता किया तो कार्यालय के बाबू ने बताया कि आपकी रकम भेज दी गई है। हमने कई बार बैंक पासबुक व स्टेटमेंट दी, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है।
महिला ने शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की, जिससे मकान गिराने का कार्य शुरू किया जा सके। वहीं दूसरा मामला बृजमनगंज क्षेत्र के नौसागर निवासी पुष्पा देवी ने गांव में दो डिस्मिल जमीन एक व्यक्ति से बैनामा ली थी। गांव के एक व्यक्ति ने उस पर कब्जा कर लिया है। हम ईंट भट्ठे पर काम करके जीवन यापन करते हैं। लेखपाल की मिलीभगत से जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की है।
फरेंदा क्षेत्र के सेमरा महराज टोला उसरी के दर्जनों ग्रामीण शिकायती पत्र देकर कोटेदार पर दो किलो राशन प्रति कार्ड पर कम देने का आरोप लगाया, जिस पर जांच कर उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा, एसडीएम नवीन कुमार, सीओ अनिरुद्ध कुमार, तहसीलदार अमित कुमार सहित तमाम लोग मौजूद रहे।