उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत मधवलिया रेंज के पिपराकाजी गांव में रविवार की रात बीमारी के चलते (60) वर्षीय पालतू मादा हाथी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह तीन दिनों से बीमार थी। उसे पालने वाले स्वामी नाथू चौधरी से जानकारी मिलने पर वन विभाग और पशु चिकित्सक की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफन किया गया।
पिपराकाजी निवासी नाथू चौधरी ने बताया कि वह करीब डेढ़ दशक पहले बिहार के सोनपुर जिले से हाथी को खरीदकर लाए थे। पिछले कुछ समय से अचानक हाथी की तबीयत खराब हो गई। उसके बाद पशु चिकित्सक डॉ. दिलीप सिंह से उसका इलाज कराया जा रहा था। रविवार की शाम को हाथी की कुछ ज्यादा ही हालत बिगड़ गई। वह भोजन नहीं की। उसके बाद रात को अचानक जमीन पर गिर पड़ी और दोबारा उठी नहीं।
एसडीओ घनश्याम राय ने बताया कि हाथी की उम्र काफी ज्यादा हो गई थी। ऊपर से पिछले कई दिनों से बीमार थी। बीमारी के चलते वह कमजोर हो गई थी। उसके चलते अचानक जमीन पर गिरी और उसकी मौत हो गई। वन दरोगा अभिषेक सिंह और डीएन त्रिपाठी ने बताया कि पिपराकाजी में मृत हाथी को दफनाने से पहले उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पशु चिकित्सक डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. राजेश प्रताप पटेल, डॉ. सूर्य नरायन भट्ट ने पोस्टमार्टम किया। उसके बाद मृत हाथी को गांव से सटे जमीन में उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान से दफना दिया गया।