महराजगंज। अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में सिल्वर पदक विजेता पहलवानों को चित करने वाले युवा पहलवान श्याम करन यादव जनपद में लोकप्रिय हैं। 28 वर्ष की उम्र में वह आज भी पूरे जोशोखरोश के साथ उतरकर अधिक अनुभवी पहलवानों को चित करते हैं। साथ ही ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को निशुल्क कुश्ती के दांवपेंच सिखा रहे हैं। सुबह वह बागापार गांव के खेल मैदान और शाम को स्पोर्ट्स ग्राउंड में युवाओं को कुश्ती ट्रेनिंग देते हैं। बागापार के श्यामकरन यादव ऐसे पहलवान हैं जिन्होंने मंडलीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में कई बार पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया है। श्यामकरन ने पहलवानों को ही नहीं बल्कि गरीबी को भी हराया है। ताजा उपलब्धियों की बात करें तो दिसंबर 2024 में नेपाल के रूपनदेही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में रजत और पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में बीते माह गोरखपुर में राज्य स्तरीय स्पर्धा में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।
2013 से शुरू किया कुश्ती का सफर : श्यामकरन के मुताबिक, उन्होंने 2013 के सब जूनियर कैटेगरी की राज्य स्तरीय स्पर्धा में पहली बार प्रतिभाग कर स्वर्ण पदक हासिल किया था। परिवार की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वह बाहर जाकर कुश्ती नहीं सीख सके लेकिन मोबाइल व टीवी पर देखकर खुद को लगातार बेहतर करते रहे।
वर्तमान समय में श्यामकरन के पास लगभग डेढ़ दर्जन पदक हैं।