महराजगंज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। सदर विकास खंड की मां दुर्गा आजीविका मिशन कुछ ऐसा ही है। इनके द्वारा तैयार किया गया चबैना ग्रामीण चाय की दुकानों पर तलाश करते हैं।
सिंहपुर की मां दुर्गा एसएचजी ऐसा नाम है कि इससे कई महिला समूह जुड़कर कुछ अलग कर रही हैं। इसी से जुड़ी महिला समूह की एक शाखा टेंट का कारोबार खड़ा कर चुकी हैं। इसी एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप) की महिला समूह का चबैना सदर ब्लॉक में एक पहचान बन चुका है। आयल फ्री नमकीन के रूप में इसकी बिक्री की स्थिति यह है कि बड़ी कंपनियों के ब्रांड तक बिक्री में इससे पीछे हैं। पांच रुपए की दर से बिकने वाला यह चबैना लोगों को काफी पसंद आता है।
चल रहा ममता के हाथों का जादू : सिंहपुर के इस समूह की अध्यक्ष ममता प्रजापति हैं। उन्होंने बताया कि चबैना का आइडिया उनका था जिससे कुल 9 महिलाएं जुड़ी हैं। सबके हिस्से का काम तय है। कोई चूड़ा व मूंगफली भूनने मे माहिर है तो कोई मिर्ची व नमक अनुपात के हिसाब से मिलाने में माहिर है।
बाकी के जिम्मे बिक्री का जिम्मा है। उन्हें इसके लिए कहीं जाना नहीं पड़ता बल्कि हर रोज चाय की टपरी, होटल वाले चबैना का उठान करने हर सुबह पहुंच जाते हैं। डिमांड के मुताबिक इसे तैयार करने का काम हर रोज होता। ऐसा करने के पीछे समूह अध्यक्ष क्वालिटी मेंटेन रखने का कारण बताती हैं।