महराजगंज।
किसान दिवस में विभागीय
अधिकारियों की अनुपस्थिति
भारी पड़ी। लोगों ने किसान
दिवस का ही बहिष्कार कर दिया।
डीएम ने आयोजन में नहीं पहुंचने
पर अधिकारियों का एक दिन का
वेतन काटने को कहा है।
डीएम सुनील
कुमार श्रीवास्तव ने अनुपस्थित
अधिकारियों से स्पष्टीकरण
भी तलब किया है। इसमें उप निदेशक
कृषि, मुख्य
पशुचिकित्साधिकारी, भूमि
संरक्षण अधिकारी, अधिशासी
अभियंता विद्युत, नलकूप
सिंचाई, सहायक निदेशक
मत्स्य एवं रेशम, सहायक
अभियंता लघु सिंचाई, लीड
बैंक मैनेजर, नेडा
के परियोजना अधिकारी शामिल
है।
डीएम ने कहा कि किसान दिवस
शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
का कार्यक्रम है। इसमें शिथिलता
बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगले
किसान दिवस से पूर्व इसमें
प्राप्त सभी शिकायतें निस्तारित
करें तथा किसान को मोबाइल पर
सूचित कर दें। उन्होंने कृषि
विभाग की ओर से पूर्व में नियमित
रूप से भेजे जा रहे एसएमएस
रुकने पर भी गहरा असंतोष व्यक्त
किया तथा सलाहकार ताहिर को
निर्देश दिया कि प्रत्येक
सप्ताह महत्वपूर्ण सूचना की
एसएमएस मोबाइल पर भेजे।
सलाहकार
ने बताया कि जिले में एक लाख
से अधिक किसान पंजीकृत है।
उन्होंने भूमि शोधन, अनाज-बीज
शोधन, बीज की उपलब्धता
आदि की जानकारी भी दी। जिला
विकास अधिकारी एसएन सिंह ने
बताया कि सूखाग्रस्त जिला
घोषित होने के कारण अब यहां
प्रत्येक जॉबकार्ड धारक को
मनरेगा के तहत 100 दिन
के बजाए 150 दिन का
रोजगार दिया जाएगा। आगामी 26
दिसंबर को आयोजित
ग्राम सभा की बैठक इसकी कार्ययोजना
बना ली जाए। प्रतिदिन की मजदूरी
162 रुपये है।
सहायक
निबंधक सहकारिता वृंदावन
गुप्ता ने बताया कि जिले में
यूरिया 7658 मैट्रिक
टन, डीएपी 2142
मैट्रिक टन, एनपीके
6399 मैट्रिक टन पीसीएफ
के गोदाम में उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि समितियों
पर पुराने दर का 1064 बोरी
एनपीके उपलब्ध है जो वर्तमान
दर 1089 रुपये प्रतिबोरी
के सापेक्ष प्रति बोरी 25
रुपये कम है। डिप्टी
आरएमओ अजीत त्रिपाठी ने बताया
कि वर्तमान में 21235 मैट्रिक
टन धान खरीदा गया है। जो पिछले
वर्ष इसी अवधि में 14555 मैट्रिक
टन था। जिले में 74 केन्द्र
तथा 19 आढ़तियों से
खरीद की जा रही है।