महराजगंज। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या एक महराजगंज फूलचंद कुशवाहा ने दुष्कर्म के दोषी यशपाल निवासी जगरनाथपुर उर्फ गौरहा थाना कोठीभार जनपद महराजगंज को सात वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के कथन के अनुसार, वादी मुकदमा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी कक्षा 10 में पढ़ती थी। दो सितंबर 2010 को घर से छह बजे सुबह पढ़ने के लिए गई लेकिन वापस नहीं आई। काफी खोजबीन करने के बाद पता चला की बेटी को यशपाल, जवाहिर, कन्त व मुनरी बहला फुसलाकर भगा ले गए हैं।
उसे अपने रिश्तेदार के वहां रखे थे। वहां से अभियुक्त के साथ गुजरात भेज दिया। बेटी घर से आठ हजार नकद व 2 थान जेवर, सोने का टीका, कान का झुमका लेकर गई। विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। गवाही कराने के बाद अभियुक्त को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या एक ने यशपाल निवासी जगरनाथपुर उर्फ गौरहा थाना कोठीभार को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। संवाद