सरयू की बाढ़ से दर्जन भर गांवों का होगा बचाव, पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे का पुल भी होगा सुरक्षित
हर साल बाढ़ से प्रभावित होते थे लोहरैया क्षेत्र के गांव
लोहरैया। धनघटा तहसील क्षेत्र में एमबीडी बांध की सुरक्षा का कार्य तेज कर दिया गया है। बांध के किनारे के गांव हर साल बाढ़ और कटान से प्रभावित होते हैं। वर्ष 2013 की बाढ़ में तुरकौलिया गांव नदी में समा गया था। वहीं गायघाट, भौवापार, करनपुर, चकदहा, सरैया, खरहिया समेत कई गांवों के लोग हर साल बाढ़ के खतरे का सामना करते हैं।
एमबीडी बांध से भौवापार जाने वाली पक्की सड़क भी पिछले वर्ष नदी की तेज धारा में लगभग 100 मीटर कट गई थी, जिससे आवागमन बाधित हो गया था। विभाग ने उस समय अस्थायी मरम्मत कर स्थिति को संभाला था।
विभाग ने इस वर्ष स्थायी समाधान की दिशा में काम तेज कर दिया है। गायघाट के सटे दक्षिणी हिस्से में लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे सुरक्षा के लिहाज से काम कराया जा रहा है। इसके तहत जिओ ट्यूब तकनीक के साथ बड़े-बड़े कंक्रीट पिलर लगाए जा रहे हैं, ताकि नदी की धारा को मोड़ा जा सके।
जिओट्यूब के बाद परक्यू पाइन भी लगाया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस काम से नदी की धारा दक्षिण दिशा की ओर मुड़ेगी, जिससे गांवों में कटान की समस्या कम होगी। साथ ही पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे के पुल को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।
निर्माण कार्य इस समय तेजी से जारी है। मशीनों के माध्यम से दिन-रात काम हो रहा है और अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस कार्य को लेकर उत्साह है। लोगों का कहना है कि यदि यह बांध पर सुरक्षा कार्य समय से बनकर तैयार हो गया तो वर्षों से चली आ रही बाढ़ और कटान की समस्या से राहत मिल सकेगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब न तो घरों के कटने का डर रहेगा और न ही आवागमन बाधित होगा।