महराजगंज। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और ग्रामीण अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। कुछ लाभार्थियों को पहली किस्त तो मिल गई लेकिन दूसरी किस्त न मिलने के कारण गरीबों के आशियाने अधूरे पड़े हैं। कुछ लोग आवेदन करने के बाद महीनों से लाभ पाने के लिए विभाग का चक्कर काट रहे हैं। वहीं लाभ दिलाने के बहाने दलाल लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
बतादें कि महराजगंज जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में कुल 30736 लाभार्थियों का आवास स्वीकृत हुआ था। इसमें से अब भी 15762 आवास अधूरे पड़े हैं। इनमें 4905 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें आवेदन के सालों बाद भी आवास की एक भी किस्त नहीं मिली है। जबकि 25831 को पहली किस्त, 23254 को द्वितीय किस्त व 14974 लाभार्थियों को तृतीय किस्त मिल गई है। 2577 लाभार्थियों को अब भी द्वितीय किस्त और 8220 लाभार्थियों को अपना मकान पूर्ण करने के लिए तृतीय किस्त का इंतजार है। इसके लिए लाभार्थी अपने निकायों से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर काट रहे हैं।
वहीं आवास की आस में जिले के 11 निकायों में रहने वाले करीब 35550 लाभार्थी आवेदन के महीनों बाद भी पहली किस्त के इंतजार में बैठे हैं। ऐसा ही कुछ हाल प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का भी है। जहां वर्ष 2023-24 में जिले के 12 ब्लाॅकों में कुल स्वीकृत 7175 आवास लाभार्थियों में से 7083 लाभार्थियों को आवास की पहली किस्त जारी की गई है। इनमें 4830 को द्वितीय किस्त प्राप्त हुई। जबकि महज 1028 को ही तृतीय किस्त भेजी गई है। किस्त न मिलने के कारण मकान अधूरे पडे हैं। किसी का छत लगना बाकी है तो किसी की दीवार चलनी है। आवास के लिए अपने पुराने घरों को क्षतिग्रस्त कर लोग नए आशियाने का सपना संजोकर दिन रात एक कर घर का काम कराया, लेकिन विभागीय उदासीनता और लापरवाही के चलते लोगों को तीनों किस्ते समय से न मिलने के कारण शहर से लेकर गांव तक हजारों लाभार्थी भीषण ठंड में जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहे हैं।
नगर पंचायत निचलौल पांडेय वार्ड निवासी ज्ञानती देवी ने बताया कि पिछले साल 50 हजार रुपये की पहली किस्त मिली थी। इसके बाद मकान की नींव तो चल गई, लेकिन अब तक दूसरी किस्त नहीं मिली। वहीं प्रभावती का कहना दो किस्त मिल चुकी है, घर की छत लग गई हैं। दो साल से तीसरी किस्त का इंतजार है।इसके लिए नगर पंचायत से लेकर तहसील दिवस तक का चक्कर लगा चुकी हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री आवास के भी 627 लाभार्थियों को नहीं मिली तीसरी किस्त
महराजगंज। जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना का भी बुरा हाल हैं। जिले में इस वर्ष कुल 810 मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे। इनमें से 799 लाभार्थियों को पहली किस्त रीलिज हुई। जबकि 623 लाभार्थियों को द्वितीय एवं महज 172 लाभार्थियों को ही तीसरी किस्त मिल सकी। किस्त के अभाव में लाभार्थियों के अपने पक्के मकान का सपना साकार नहीं हो पा रहा हैं। जिसे लेकर लोगों में असंतोष हैं।