महराजगंज। सौभाग्य योजना से अधूरे कार्यों को पूरा करने में 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे पोल, ट्रांसफार्मर और तार लगाए जाएंगे। 317 मजरे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां पर घरों में बिजली नहीं पहुंच सकी है। उन स्थानों पर पोल, तार, ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल की जाएगी।
आने वाले दिनों में लोगों की समस्या दूर होगी। कार्यदायी संस्था की टीम सर्वे कर रही है। जरूरत के अनुसार संबंधित स्थानों पर काम कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर जिले में जिन गांवों के मजरों में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण कार्य नहीं हुआ है। उन जगहों पर विशेष रूप से वरियता दी जाएगी।
इसमें विद्युत पोल और 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके अलावा यहां पर एलटी लाइन बनेगी। इसके लिए विद्युत विभाग की ओर से चिह्नित गांवों में सर्वे शुरू हो गया है। आनंदनगर में अहिरौली, बहादुरी, बंजरहा सोनबरसा, शहाबाद, बड़हरा इंद्रा दत्त, बेला, दुर्गापुर, केवलापुर, गुरवलिया, गुलरिहा कला, भवानीपुर, डिंगुरी, हेमछापर, लक्ष्मीपुर, माधोगर, मंसूरगंज, रानीपुर, सौरहा, मिठौरा ने वास पोखर, रामनगर, सोहास, बड़वार, बेलटिकरा, बेनीगंज, देवीपुर, डोमरा, पनियरा, रजौड़ा खुर्द, रजौड़ा पंजुम आदि गांवों में विद्युतीकरण होगा।
वहीं, महराजगंज में बसहिया खुर्द, धरमपुर, रामपुर चकिया, पिपरपाती, पिपरा, परसिया खुर्द, बिरैचा, ढेंकही, खानपुर, बेलवा, टीकर, जमुई कला, मंगलपुर पटखौली, लक्ष्मीपुर देउरवा, बरवा चमैनिया आदि गांवों में विद्युतीकरण होगा।
इसके अलावा नौतनवा में बेलहिया, हरखपुरा, हरदीडाली, जिगिहवा, खरैती, लक्ष्मीनगर, महुआ, मनिकापुर, निपनिया, त्रिलोकपुर, सूर्यपुरा, सिहाभार, राजबारी, बैरिया चंदनपुर, बनरसिया खुर्द, खालिकगढ़, विशुनपुर फूलवरिया आदि मौजूद शामिल हैं। जबकि निचलौल में सबया, भेदिया, पिपरिया, महदेईया, भारत खंड पकड़ी, भुजौली, बिंदवलिया, हरपुर पकड़ी, रायपुर, बेलवाघाट, जगपुर, कौहड़वल, जमुई पंडित, मदनपुरा, बड़हरा मीर आदि गांवों में विद्युतीकरण होगा।
विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सौभाग्य योजना के तहत तमाम ऐसे गांव हैं जहां पर पांच से आठ घर हैं। पिछली बार कार्यदायी संस्था बिना विद्युतीकरण कार्य कराए चली गई थी। समस्या के समाधान के लिए विभाग की ओर से इन मजरों में विद्युतीकरण के लिए प्लान कर इसे शासन को भेजा गया था। कार्य के लिए विश्व समुंद्रा कार्यदायी संस्था को नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ब्रम्हानंद मौर्या ने बताया कि शासन की ओर से निर्देश प्राप्त हुआ है कि इन गांवों के मजरों में बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है, जल्द ही विद्युतीकरण शुरू होगा। इन जगहों पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।