खतरे के निशान से महज 0.97 सेमी नीचे पहुंची रोहिन नदी
जिला प्रशासन ने किया सिंचाई विभाग को अलर्ट, कंट्रोल रूम स्थापित
महराजगंज। चंदन व प्यास नदी शुक्रवार को उतार पर रहीं लेकिन रोहिन के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम ने सिंचाईं विभाग के दोनों डिवीजन को अलर्ट करते हुए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीएम व तहसीलदार रोहिन नदी के बांधों की निगरानी कर रहे हैं। नौतनवां व निचलौल तहसील के उप जिलाधिकारी से डीएम प्रति घंटे का अपडेट ले रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जनपद की छोटी नदियों में शुमार चंदन व प्यास बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से ऊपर पहुंची थीं। लेकिन शाम सात बजे मिली विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक चंदन खतरे के निशान 101.05 सेमी के सापेक्ष 99.75 सेमी और प्यास खतरे के निशान 102.25 सेमी के सापेक्ष 101..10 सेमी पर बह रही थी।
महाव नाला खतरे के निशान 5.00 सेमी के सापेक्ष 06.00 सेमी पर रहने से निचलौल ठूठीबारी क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है। वहीं रोहिन के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह के मुकाबले शाम के जलस्तर में रतनपुर व त्रिमोहानी बैराज पर बढ़त दर्ज होने के चलते एसडीएम, तहसीलदार राजस्व कर्मियों संग संवेदनशील रोहिन बांधों के निरीक्षण व जरूरी इंतजाम में जुट गए हैं। रोहिन रतनपुर बैराज पर खतरे के निशान 99.35 के सापेक्ष 99.18 और त्रिमोहानी बैराज पर खतरे के निशान 82.44 के सापेक्ष 81.47 सेमी पर बह रही है।
नौतनवां में कुणाल, तो सदर में अवनीश त्रिपाठी को दायित्व
डीएम ने रोहिन के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नौतनवां में रोहिन के बांधों की देखरेख का जिम्मा एसडीएम कुणाल और सदर तहसील का जिम्मा अवनीश त्रिपाठी को सौंपा है। दोनों अधिकारियों को रोहिन के सभी बांधों व कटान संभावना स्थलों पर नजर रखने के लिए निर्देशित किया गया है। रोहिन के जरदी-डोमरा तटबंध (बायां तट), चेहरी तटबंध (बायां तट), अमहवां रिंग तटबंध (बायां तट), लक्ष्मीपुर रिंग तटबंध (बायां तट) तथा अनंतपुर-बड़हरा तटबंध (बायां तट) का दोनों अधिकारियों ने अपने अपने राजस्व टीम के साथ भ्रमण किया। आपातकालीन स्थिति में स्थापित की जाने वाली बाढ़ चौकियों पर उपलब्ध संसाधनों की पर्याप्तता हर स्थिति में सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सके। साथ ही तटबंधों पर निरंतर निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की कटान, रिसाव अथवा अन्य असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल उपलब्ध कराते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने का निर्देश दिया।
रोहुआ नाला स्थिर समस्या बरकरार, नाव से आवागमन कर रहे लोग
सोहगीबरवां के आठ गांव में नाव के सहारे आवागमन प्रभावी
निचलौल। लगातार हो रही बारिश ने सोहगीबरवा क्षेत्र के आठ गांवों के लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं। रोहुआ नाला पर पानी का तेज बहाव होने से गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया है। ऐसे में शिकारपुर, खुटहवा, भोथहा, पिपरासी, मुजा टोला, कटबासी, बकुलहिया और सोहगीबरवा के ग्रामीणों को घरों में सिमटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रोहुआ नाला पर बने छलका (कॉजवे) के पास बने सड़के के ऊपर दो से चार फीट तक पानी बहने से वाहनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। बाजार से खाद्यान्न, दवा और अन्य जरूरी सामान लाना भी मुश्किल हो गया है। मजबूरी में ग्रामीण अपनी आवश्यकताओं को सीमित कर रहे हैं। आपात स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
उक्त गांव के सुरेंद्र प्रसाद, बृजलाल भारती, विश्वनाथ प्रसाद, ओमप्रकाश, परशुराम, राजेश, प्रह्लाद, रामदरश और रामदेव ने बताया कि वन विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से मार्ग पर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता तो साफ करा दिया गया लेकिन रोहुआ नाला पर पानी का तेज बहाव अब भी बना हुआ है।
तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार रोहुआ का पानी घटा है। नायब तहसीलदार पियूष जायसवाल को राजस्व टीम के साथ राहत सामग्री नाव से भेजी गई है। दो से तीन दिन में पानी उतरने के संकेत हैं।
वर्जन
बाढ़ से संबंधित सभी तैयारियों की सतत समीक्षा की जा रही है। संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी को अलर्ट रहकर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम सक्रिय कराया गया है। सभी उप जिलाधिकारियों से हर घंटे अपडेट मैं खुद ले रहा हूं।
- गौरव सिंह सोगरवाल, डीएम, महराजगंज।