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महाराजगंज: 14,286 मिट्टी के नमूनों को केमिकल का इंतजार

Thu, 09 Feb 2023 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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उप कृषि निदेशक कार्यालय के ऊपरी तल पर है मृदा परीक्षण प्रयोगशाला
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मृदा परीक्षण रिपोर्ट के लिए किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मिट्टी के परीक्षण के लिए सरकार ने योजना बनाई है। जांच करने के बाद कमियों को दूर कर मिट्टी की सेहत सुधारने का प्रयास किया जाता है। मृदा परीक्षण करने वाली प्रयोगशाला में केमिकल न होने से अक्तूबर 2022 से अब तक लिए गए 14,286 मिट्टी के नमूनों की जांच नहीं हो सकी है। केमिकल आने का इंतजार किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कोरोना काल में मिट्टी की जांच बंद कर दी गई थी। वर्ष 2022 में मिट्टी की जांच शुरू की गई। इधर, जांच में प्रयोग होने वाला केमिकल नहीं है। इसे मंगाने के लिए विभाग की ओर से पत्राचार किया गया है।
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उप कृषि निदेशक कार्यालय के ऊपरी तल पर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है। हालत यह है कि प्रयोगशाला में संसाधन ठीक नहीं है। माइक्रोन्यूट्रीयन जांच के लिए मशीन खराब है। इसके ठीक कराने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। अन्य मशीनें ठीक हैं। यहां सफाई ठीक ढंग से नहीं है। जांच के लिए रखी गईं मशीनें एवं अन्य सामान धूल फांक रहे हैं। मृदा परीक्षण के लिए प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो गांवों को चयनित किया गया है। किसानों को मृदा परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार है।
गौनरिया राजा के किसान दिनेश पांडेय ने बताया कि मृदा परीक्षण कहां होता है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। हरखी गांव के अमित सिंह ने बताया कि मृदा परीक्षण अब तक नहीं कराया। पता रहता कि कहां होता है तो जांच जरूर कराता।
मिट्टी में होते हैं 16 तरह के पोषक तत्व
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी में 16 तरह के पोषक तत्व होते हैं, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, जिंक और पोटाश प्रमुख हैं। ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और कार्बन वायुमंडल से मिलती हैं। इन्हीं पोषक तत्वों से फसल का विकास होता है। किसानों को जैविक खाद के प्रयोग पर बल देना होगा।
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कोट
फरवरी माह के अंत तक केमिकल आने के बाद जांच शुरू कर दी जाएगी। सभी मशीनें ठीक हालत में हैं। मिट्टी में पोषक तत्वों की जांच कर किसानों को जानकारी दी जाती है। इससे लागत कम और उपज ज्यादा होती है।
-सुरेंद्र प्रताप द्विवेदी, प्रयोगशाला प्रमुख
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