महराजगंज। दो मासूम बेटियों अपेक्षा और आरोही की हत्या के सदमे से घोड़हवा वार्ड के लोग दूसरे दिन भी उबर नहीं पाए। देररात घर आया पिता अमन भी बेटियों का शव देख सुधबुध खो बैठा। होली के बाद सबको अपने साथ ले जाने की बात कह वह फफक पड़ा। खुद से सवाल पूछने लगा कि साक्षी ने ऐसा कदम क्यों उठाया। वहीं बृहस्पतिवार को दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती साक्षी की हालत में सुधार है।
पति अमन विश्वकर्मा ने बताया कि घर पर सब कुछ ठीक चल रहा था। फोन पर भी अक्सर अन्नू से बातचीत होती थी। कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि यह सब कैसे हो गया। जब भी छुट्टी मिलती घर आता था। बातचीत में कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि इस तरह की घटना हो जाएगी। बकौल अमन, वह बीटेक करने के बाद घर पर बच्चों के साथ रहती थीं। होली के बाद साथ जाने वाली थीं।
अमन की बहन ने बताया कि पिता रामनाथ विश्वकर्मा हरिद्वार स्थित एक शुगर मिल में नौकरी करते हैं। उनके साथ मां भी रहती हैं। बड़ा भाई अमन फैजाबाद में रहकर एक शुगर मिल में काम करते हैं। दो छोटे भाई आकाश और रोहित दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। भाई फैजाबाद से महीने में एक बार जरूर घर आ जाता था।
18 मार्च को होली में घर आने वाले था। होली के बाद भी भाभी और बच्चों को साथ लेकर जाने की बात कही थी। पढ़ी-लिखी होने के बाद साक्षी ने यह कदम क्यों उठाया, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। यह कहते हुए सिसकने लगी।
पड़ोसियों ने तोड़ा था दरवाजा : अमन की भांजी साक्षी ने खिड़की के रास्ते सबसे पहले वारदात को देखा। फिर चीखते-चिल्लाते हुए पड़ोस की रहने वाली कमलावती देवी, अमरेश और राजकुमार सिंह के पास पहुंच घटना की जानकारी दी। शिखा की बात सुन मौके पर पहुंचे तीनों ने अन्दर से बंद दरवाजे को धक्का देकर तोड़ा। उसके बाद फिर पुलिस को सूचना दी। इस मामले में पुलिस ने इन तीनों लोगों का बयान दर्ज किया।