फरेन्दा बुजुर्ग में समूह की महिलाएं।
महराजगंज। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के उत्पीड़न से समूह की महिलाएं त्रस्त हो गई हैं। सोशल मीडिया पर कर्ज माफी की अफवाह उड़ी तो सोमवार को वह टेंपो से गोरखपुर सीएम के जनता दरबार में पहुंच गईं। वहां पर पता चला यह अफवाह है। इसके बाद वह मायूस होकर घर लौट गईं। बातचीत में उनका दर्द छलक पड़ा। फरेंदा क्षेत्र के छितही बुजुर्ग गांव में मंगलवार को पहुंचने पर गांव के चौराहे पर इस बात की चर्चा हो रही थी। बाइक से आ रहे रामप्रसाद ने बताया कि गांव में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से महिलाओं ने कर्ज ले रखा है। उनको कहीं से भनक लगी की कर्ज माफी हो रही है। इसके बाद वह सोमवार को गोरखपुर चली गईं थीं। सड़क से आगे बढ़ने पर एक घर के पास कुछ महिलाएं मायूस दिखीं। पहले उनसे बात करने की कोशिश की गई तो वे किनारे चली गईं। उनको पछतावा हो रहा था।
महिलाएं अनुरोध करने पर बोलीं की किसी ने मूर्ख बनाने के लिए अफवाह उड़ा दी। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से कर्ज लिया गया है। इससे छोटे-मोटे काम हो रहे हैं। हम सभी को लगा की सचमुच में कर्जा माफ हो जाएगा, लेकिन बाद में सत्यता के बारे में जानकारी हो गई। महिलाओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर कर्ज माफ करने की भ्रामक खबर पाकर सीएम से गुहार लगाने पहुंची थी। छितही गांव की उर्मिला ने बताया कि लोगों से सुनने में आया कि समूह से लिए गए कर्ज को फार्म भरवा कर माफ किया जा रहा है, तो मैं भी वहां पहुंच गई। मनीता ने कहा कि करीब चार कंपनियों से कर्ज ली हूं। कर्ज माफ करने की अफवाह पर मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंची थी। गुड़िया ने बताया कि अपने जरूरतों को पूरा करने के लिए फाइनेंस कंपनी से कर्ज ली हूं। जिसको लगभग चुका भी दी हूं। जो बाकी बचा है उसे भी दे दिया जाएगा। इसी प्रकार से गांव की ज्ञानमती, बेलिया, रूक्मिणी, शीला सहित तमाम स्वयं सहायता की महिलाओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर फाइनेंस कंपनियों के लोगों ने कर्जा दिया था।
उधर, एक सप्ताह पहले भिटौली क्षेत्र के ग्राम सभा पकड़ी दीक्षित की रहने वाली महिलाओं ने एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। कर्मचारियों ने उनके खाते में रुपये भेजकर निकलवा लिया। अब घर में घुसकर धमकी दे रहे थे। पीड़ित गुड़िया, आफतारून, तरीकुन, शीला, गुंजा, रिता, धानपती आदि ने शिकायत दर्ज कराया था।।