श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के परसा खुर्द गांव में दो पोखरे हैं और दोनों के पास कब्रिस्तान है। पांच साल पूर्व छठ पूजा मनाने के लिए गांव की कुछ महिलाएं पोखरे पर गईं तो दूसरे वर्ग के लोगों ने उन्हें दिया था। उसके बाद महिलाएं पकड़ी दीक्षित जाकर वहां छठ पूजा की। मामले को स्थानीय स्तर के अधिकारियों के सज्ञान में लाया गया। लेकिन जिला प्रशासन से राहत नहीं मिलने पर ग्रामीण हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पोखरे का सीमांकन करा दिया। उसके बाद महिलाओं ने पोखरे पर नागपंचमी त्यौहार मनाई। ऋषि पंचमी, तीज व जिऊतिया व्रत पर महिलाएं पोखरे पर जमा होती रहीं लेकिन अब छठ पूजा की तैयारी के दौरान दूसरे समुदाय की शिकायत पर एसओ श्यामदेउरवा संजय राय ने इस पर रोक का निर्देस दिया। पीएसी लगाकरपोखरे पर पूजा नहीं करने दी। महिलाओं ने अपने-अपने दरवाजे पर पोखरे का प्रतीक गड्ढा खोद पानी भरकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक हरगोविंद का कहना है कि महिलाओं को पूजा करने से नहीं रोका गया है। पहले भी वहां छठ के समय पूजा नहीं होती थी। ऐसे में नई परंपरा शुरू न हो इस पर रोक लगाई गई है। पूर्व में जहां पूजा होता था, वहीं होगी।