घुघली। क्षेत्र के 53 गांवों में आरआरसी सेंटर बदहाल है। इससे कूड़ा निस्तारण नहीं हो पा रहा है। गांवों में जगह-जगह कूड़ा बिखरा है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022-23 में सात गांवों आरआरसी सेंटर बने थे। रामपुर बलडीहा, पकड़ी बिशुनपुर, लक्ष्मीपुर देउरवा, पकड़ियार बिशुनपुर, मेदिनीपुर, पिपरा ब्रह्मण उर्फ बारीगांव और चौमुखा है। तीन वर्ष बीतने के बाद भी सेंटरों का ताला नहीं खुला। वर्ष 2023- 24 में 42 और गांवों में आरआरसी सेंटर बनने थे, जिसमें भुवना, भुवनी खानपुर, बिरैचा, बांसपार मिश्र, बांसपर नूतन, गोपाला, भैंसी, बिरैची, सिरसिया, गोडधोवा गांव में सिर्फ दीवार बनाकर छोड़ दी गई है।
वहीं बरवा चमइनिया में अभी नींव ही बन पाया है। सिर्फ 15 गांव ऐसे हैं, जहां निर्माण कार्य पूरा हो गया है। 2024-25 वर्ष में जिन बाकी 24 गांवों में आरआरसी सेंटर बनने हैं, उसमें केवल ग्राम सभा बैरिया, तिलकवनिया, चैनपुर, करमहीं में ही निर्माण पूरा हो पाया है, शेष 21 ग्राम सभाओं में किसी गांव में शेड बनना है, तो कहीं पेंटिंग नहीं हुआ है।
खंड विकास अधिकारी अमरनाथ पांडेय ने बताया कि गांव में निर्माण हो रहा है। अभी सेंटर कहीं संचालित नहीं हुआ है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे संचालित किया जाएगा। संवाद