जिम्मेदारों की मनमानी के चलते लोगों को झेलनी पड़ रही तमाम तरह की दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल बॉर्डर से सटे झुलनीपुर और लक्ष्मीपुर से रोडवेज बसों की सेवाएं दो साल से ठप पड़ी है। ऐसे में जरूरी कार्य के लिए तहसील और जिला मुख्यालय जाने के लिए लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। लोग मजबूरी में निजी वाहनों को मोटी रकम देकर डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। लोगों के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले यहां से रोडवेज बसों का संचालन शुरू हुआ था। जिसे किसी कारण के चलते विभाग की ओर से बंद कर दी गई।
झुलनीपुर क्षेत्र के रहने वाले मोहनलाल, प्रेमलाल, अब्दुल गनी, इसराफिल, राहुल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के झुलनीपुर, सेमरहना, बहुआर खुर्द, बहुआर कला, कनमिसवां, गेडहवां, बैठवलिया, मिश्रवलिया, शितलापुर, गिरहिया, ढेसो, डोमा, बढ़या गांव को जोड़ने वाली सड़क पर रोडवेज सेवा दो साल से बंद है। ऐसे में निजी वाहनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। साथ ही समय की बर्बादी भी हो रही है। लेकिन विभाग के जिम्मेदार समस्या पर गंभीर नहीं हैं।
बॉर्डर से सटे गांवों के लोगों की सुविधा को देखते हुए करीब ढाई साल पहले रोडवेज बस का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन छह माह बीतते ही बस सेवा को घाटा दिखाकर बंद कर दिया गया। इससे लोगों को आने-जाने में टेंपो और टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि टेंपो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। गांव से तहसील मुख्यालय की दूरी 15 किलोमीटर है। इतनी दूरी तय करने के लिए 30 से 35 रुपये तक किराया देना पड़ता है। कुछ ऐसे ही परेशानियों का सामना लक्ष्मीपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को झेलनी पड़ती है।
कोट झुलनीपुर और लक्ष्मीपुर से रोडवेज की बस सेवा ठप होने की जानकारी है। इन दोनों रूटों पर कुछ दूर सड़क बदहाल है। जिसके चलते बस सेवाएं बंद की गई हैं। सड़क ठीक होने पर बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा। सर्वजीत वर्मा, एआरएम
जिले में इन रूटों पर संचालित है बसें
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग के पास कुल 51 बसें हैं। जिनमें से 5 बसें गड़बड़ी के चलते वर्कशाप में खड़ीं हैं। जबकि अन्य बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों को संचालित करने के लिए 75 चालक और 80 परिचालकों की तैनाती भी की गई है। वर्तमान में जिला मुख्यालय से दिल्ली के लिए प्रत्येक दिन तीन बसें और लखनऊ तथा बनारस के लिए एक-एक बसें संचालित की जा रही है। जबकि जिले में निचलौल, ठूठीबारी, सिसवा, ईटहिया, फरेंदा, रेंगहिया, टीकर, मोहनापुर, गांगी के रूटों पर रोडवेज की बसें संचालित हैं।
नए रूटों पर बस संचालित करने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक जिले में सोनौली के अलावा अन्य रूटों पर जल्द बस सेवाएं शुरू की जाएगी। जिसके लिए विभाग के जिम्मेदार योजना बनाने में जुटे हैं। तैयारी पूरी होने के बाद बसों को संचालित जल्द शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए लोगों को अभी करीब 10 से 15 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा।