महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के सिंहपुर धुसवा के पास छह करोड़ से बनी पुलिया के साथ सड़क धंस गई है। पुलिया के पास करीब पांच फीट गड्ढा बन गया है। सड़क की करीब छह माह पहले मरम्मत हुई थी। लोग इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बजही में चार लाख की नाली ध्वस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नौ किमी सड़क महलगंज से जनकपुर तक करीब पांच साल पहले बनी थी। यह सड़क खराब हो गई थी तो करीब छह माह पहले मरम्मत हुई थी। इस पर पर करीब छह करोड़ रुपये व्यय हुए थे। इधर, बारिश शुरू हुई तो सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई। सड़क ध्वस्त हो गई और जिम्मेदार अपनी धुन में मस्त हैं। सड़क में इतना गहरा गड्ढा बना है कि अगर थोड़ी सी चूक हो जाए तो दुर्घटना होनी तय है।
शनिवार को विभाग की ओर से लाल झंडी लगाकर गड्ढे के किनारे झाड़ी रखा गया। इधर से आने-जाने में जोखिम बढ़ गया है। इस मार्ग से होकर सिसवा, महदेवा, बरसा फहीम, खुटहा, सिंहपुर, गोपी, चेहरी, महलगंज, दुबौली, बड़हरा, सेमरहना आदि गांवों के लोग आते जाते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण करीब 40 हजार की आबादी सीधे प्रभावित हो रही है। आसपास के लोगों की माने तो सड़क बनाने के दौरान गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया, इस वजह से पहली बरसात भी सड़क झेल नहीं सकी।
इसी तरह से निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के गांव ढेसो में ग्राम पंचायत की ओर से करीब चार लाख की लागत से बनी नाली ध्वस्त हो गई है। वहीं इस मामले में जिम्मेदार नाली का भुगतान न होने की बाद कहते हुए पल्ला झाड़ ले रहे हैं। ढेसो गांव में जलनिकासी के लिए ग्राम पंचायत की ओर से करीब चार माह पहले लगभग डेढ़ सौ मीटर लंबी और तीन फीट चौड़ी तथा लगभग एक मीटर गहरी नाली का निर्माण कार्य कराया गया था। जिसपर मनरेगा योजना से लगभग चार लाख रुपये खर्च किए गए थे।
वहीं रास्ते से गुजर रहे सुबास, कमलावती, विनोद आदि ने कहा की ग्राम पंचायत में जलनिकासी के लिए चार माह पहले विनोद यादव के दरवाजे पर लगी इंडिया मार्का हैंडपंप के पास से सुकई चौहान की भूमि तक बनी नाली ध्वस्त हो गई है, जो जिम्मेदारों के करतूत की पोल खोल रही है। नाली एक जगह नहीं बल्कि तीन से चार जगहों पर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सहायक खंड विकास अधिकारी विनय पांडेय ने कहा की मामले की जानकारी मिली है। जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।