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Maharajganj News: सड़क चौड़ीकरण में बरामदे की नपाई ने व्यापारियों की उड़ाई नींद

Wed, 29 Mar 2023 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज।

सार

दुकान टूट जाएगी तो रोजगार की समस्या होगी। चौड़ीकरण होने से फायदा तो है, लेकिन सड़क का दायरा घटता तो राहत मिलती। करीब 50 से अधिक मकान और दुकानें दायरे में अधिक आ रहे हैं। इससे लोगों की मुश्किल बढ़ जाएगी।
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नेहरू नगर वार्ड में सड़क के दायरे में जा रहा मकान।संवाद
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विस्तार
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महराजगंज  शहर में जिला उद्योग के सामने से पिपरदेउरा की ओर जाने वाली सड़क चौड़ी होगी। इसकी जद में तमाम दुकानें व मकान भी आ रहे हैं। बीते दिनों सड़क की नपाई हुई तो व्यापारियों की नींद उड़ गई है। जिन लोगों के मकान सड़क की जद में आ रहे हैं, उनको रात में नींद नहीं आ रही है। कुछ मकान तो वर्षों पुराने हैं। कुछ सात-आठ साल के अंदर बने हैं। इस मार्ग में दो मंदिर हैं। वे भी दायरे में आ रहे हैं।
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शहर में फरेंदा मार्ग पर जिला उद्योग तिराहा है। यहीं पर सबसे पहले दाहिनी तरफ सिटी अस्पताल है। शुरुआत में ही दुकान सड़क के दायरे में आ रही है। आगे बढ़ने पर कुछ लोगों की चहारदीवारी तो कुछ लोगों के बरामदे तक सड़क का दायरा पहुंच रहा है। पुल से पहले कुछ लोगों ने अधिक स्थान छोड़कर मकान बनवाया है। उनके लिए थोड़ी राहत की बात बात है।

पुल से आगे बढ़ने पर व्यापारियों समेत आम लोगों का दर्द छलक उठा। सभी यही कह रहे थे कि नहर होने के कारण जमीन कम है। ऐसे में पूरा मकान ही दायरे में आ रहा है। अगर घर टूट गया तो रहने का ठिकाना ढूंढना पड़ेगा। दुकान टूट जाएगी तो रोजगार की समस्या होगी। चौड़ीकरण होने से फायदा तो है, लेकिन सड़क का दायरा घटता तो राहत मिलती। करीब 50 से अधिक मकान और दुकानें दायरे में अधिक आ रहे हैं। इससे लोगों की मुश्किल बढ़ जाएगी।
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लोगों ने क्या कहा
तीन साल पहले मकान बनवाया था। जमीन वर्ष 2018 में बैनामा पत्नी प्रीति के नाम से लिया। बनवाने में करीब 40 लाख रुपये खर्च हो गए। यहीं मकान व दुकान है। कारोबार यहीं से करता हूं। जब से चौड़ीकरण के लिए लेखपाल ने चिह्नांकन किया है। नींद नहीं आ रही है। सोच रहा हूं कि कारोबार तो कहीं हो जाएगा लेकिन रहने के लिए मकान ढूंढना पड़ेगा। सड़क चौड़ीकरण होना अच्छी बात है, लेकिन दूसरे की सुख-सुविधा का भी ख्याल रखने की जरूरत है। प्रत्येक दिन यही चिंता लगी रहती है कि कभी भी मकान टूट जाएगा। बहुत मुश्किल से मकान बनाकर कारोबार शुरू किया लेकिन अब मुश्किल बढ़ने वाली है। -बद्रीनाथ गुप्ता, व्यापारी, नेहरू नगर

तीन साल पहले मकान बनवाया हूं। मेरे मकान का आगे का हिस्सा बहुत ज्यादा आ रहा है। कम हिस्सा बचेगा। उसमें रहना मुश्किल हो जाएगा। सड़क चौड़ी होने के लिए सीमांकन के बाद ही प्रत्येक दिन चिंता सताती रहती है। कभी भी तोड़ दिया जाएगा। नुकसान काफी होगा, लेकिन क्या किया जाएगा। सड़क चौड़ी होने से किसी को फायदा तो किसी को मुश्किलों की सौगात मिलेगी। -हरिहर सिंह, नेहरू नगर

नुकसान तो काफी हो रहा है। जब आदेश आ जाएगा तो सभी को पीछे खिसकना ही पडेगा। 16 डिस्मिल जमीन में 30 लाख खर्च कर निर्माण कराने के बाद सीमांकन हुआ। पहले से पता रहता तो सोच-समझकर कदम आगे बढ़ाता। नहर होने के कारण एक तरफ ज्यादा जमीन आने से समस्या बढ़ रही है। जब सड़क बनने के लिए पास हो गई है तो विरोध से कोई फायदा नहीं होगा। -अभिषेक त्रिपाठी, नेहरू नगर

मेरा तो एक कमरा पूरा सड़क के दायरे में आ रहा है। करीब 50 लाख खर्च कर दो मंजिला मकान बनवाया था। बीते दिनों पैमाइश हो रही थी तो पता चला कि आगे का एक कमरा पूरा आ रहा है। किसी तरह से अपने मकान में दवा का कारोबार शुरू किया, अब उसमें भी मुश्किल आने वाली है। -सजेश शर्मा, दवा कारोबारी

वर्ष 1999 में चार डिस्मिल जमीन खरीदकर वर्ष 2000 में मकान बनवाया था। निर्माण में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे। आगे के हिस्से में छोटी सी किराने की दुकान है। वह पूरी सड़क में आ रही है। इसके पीछे भी कुछ हिस्सा आएगा। लेखपाल पैमाइश कर चुके हैं। सड़क का चौड़ीकरण होना ठीक है लेकिन लोगों की सुविधा भी ख्याल रखना चाहिए। लगता है कि अब नुकसान सहना ही पड़ेगा। -इंद्रपाल यादव, कारोबारी

मेरी तो पूरी दुकान ही सड़क के दायरे में आ रही है। रात में सोचने लगता हूं तो नींद नहीं आती है। वर्ष 2012 में दुकान बनवाया था। एक डिस्मिल जमीन में मकान बनाकर किराने की दुकान कर घर-गृहस्थी चला रहा हूं। अब उसमें भी व्यवधान आने वाला है। समस्या होगी तो उसका समाधान भी निकालने की कोशिश की जाएगी। -रामशरण पटेल, कारोबारी

पैमाइश के लिए भेजा गया पत्र
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की ओर से उप जिलाधिकारी को पत्र जारी कर पैमाइश कराने के लिए कहा गया है। पत्र में लिखा गया है कि जिला उद्योग तिराहे से पिपरदेउरा होते हुए नेता सुरहुरवां मार्ग तक चौड़ीकरण के लिए 16 मीटर चौड़ाई में भूमि की आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण के लिए पैमाइश करानी है। पैमाइश के बाद में आने वाली कुल गाटा संख्या व रकबा निर्धारित करते हुए, आख्या भेजी जाए। पत्र मिलने के बीते दिनों सदर लेखपाल ने भूमि की पैमाइश की तो सभी लोग परेशान हो गए।

वर्षों पुराना मंदिर भी चौड़ीकरण के दायरे में
नेहरू नगर में विश्वकर्मा मंदिर लगभग 30 साल पहले बना था। हनुमान मंदिर लगभग 35 वर्ष पुराना है। दुर्गा मंदिर भी काफी प्राचीन है। प्रतिमा की स्थापना पांच वर्ष पहले हुई थी। यह मंदिर भी सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि वर्षो पुराना मंदिर बचा दिया जाता तो अच्छा रहता।

सड़क 16 मीटर चौड़ी बनेगी। इसके लिए जमीन का चिह्नांकन किया जा चुका है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-ऋषिकेश शर्मा, सदर लेखपाल
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