वंचित गन्ना किसानों का मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे जिम्मेदार
घुघली व सिसवा समिति के 24 अधिक गांवों के किसानों का मोबाइल नंबर नहीं है दर्ज, एसएमएस पर्ची देने में आ रही समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पिपराइच चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करने वाले सिसवा व घुघली समिति के 24 से अधिक गांवों के किसानों का मोबाइल नंबर अब तक दर्ज नहीं हो सका है। मोबाइल नंबर दर्ज न होने से गन्ना किसानों को एसएमएस पर्ची जारी नहीं हो पा रही है। मिल द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद गन्ना विभाग ने संबंधित सचिव व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को अविलंब मोबाइल नंबर प्राप्त कर उसे मिल को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पिछले पेराई सत्र में मिल द्वारा तौल के लिए पर्ची किसानों को दिया गया था, जिससे सुविधाजनक तरीके से गन्ना किसानों ने अपनी तौल करा ली। इस बार से बदली व्यवस्था के तहत किसानों को मोबाइल पर आने वाली एसएमएस पर्ची के माध्यम से ही तौल कराना है। विभाग ने किसानों को इसे लेकर कई बार जागरूक भी किया, मगर ध्यान न दिए जाने से उनका मोबाइल नंबर फीड नहीं हो सका। पिपराइच मिल के जिम्मेदारों ने गन्ना अधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित 24 से अधिक गांवों के किसानों के मोबाइल नंबर को उपलब्ध कराने की मांग की है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि जिन 24 से अधिक गांवों के गन्ना किसानों के मोबाइल नंबर के दर्ज न होने की जानकारी दी गई है। उसे एकत्र करने के लिए घुघली व सिसवां के सचिव व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को निर्देशित किया गया है।
इन गांवों के किसानों का दर्ज करना है मोबाइल नंबर
विभागीय जिम्मेदारों द्वारा जिन 24 से अधिक गांवों के किसानों का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाना है उसमें अमहवा, अमुतालाब, रायपुर, बेदौली, जयश्री, बेलवा, बजहा, कुर्थिया, पिपरपाती, मिश्रौलिया, गुलरभार, डुमरी, शीतलापुर, धरमपुर, धमउर, मटरा, मेथौली, इटहिया, लक्ष्मीपुर, मैरी, गेदहां, भुवना, भिटौली, बसंतपुर, बिहारी छपरा, रायपुर, बरईपट्टी आदि गांवों के नाम शामिल हैं।