महराजगंज। बेसिक शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक ने निपुण भारत मिशन को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दायित्व बढ़ा दिया है। डायट प्राचार्य, बीएसए, बीईओ व जिला समन्वयकों को सितंबर माह में अतिरिक्त दायित्व मिले हैं। अधिकारियों को विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण भी करना होगा। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ डायट मेंटरों की भी जिम्मेदारी तय हुई है।
निदेशक कंचन वर्मा की ओर से दिए गए आदेश में कहा गया कि डायट प्राचार्य को सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण, उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों का डिजिटल लिटरेसी आधारित प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लास के उपयोग, विद्यालयों में प्रिंट-रिच सामग्री का शत-प्रतिशत आपूर्ति का आदेश दिया गया। साथ ही शिक्षक संकुल बैठक करने व बीईओ, एसआरजी, एआरपी, डायट मेंटर और जिला समन्वयकों की बैठक कर गैप एनालिसिस सुनिश्चित करना होगा।
बीएसए के लिए शिक्षक प्रशिक्षण, पीएमश्री योजना की धनराशि का शत-प्रतिशत उपभोग, तालिका आदि की आपूर्ति एवं कक्षा शिक्षण कराना, स्मार्ट क्लास, जर्जर विद्यालयों की नीलामी, ध्वस्तीकरण कराने के साथ 40 विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा। इसी प्रकार जिला समन्वयकों व डायट मेंटरों की भी जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है।
जिला समन्वयक विद्यालयों का पर्यवेक्षण, को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए उपलब्ध सामग्री का उपयोग, साथ ही विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, जिला समन्वयक एमआईएस की भी जिम्मेदारी तय की गई है। सभी समन्वयकों को हर माह 20 विद्यालयों का निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है।
शिक्षा निदेशक का पत्र विभाग को मिला है। उल्लेखित निर्देशों के अनुसार संबंधित को निर्देशित किया जाएगा। उसी के अनुरुप कार्य कराते हुए रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी