महराजगंज। गर्मी हो या सर्दी, अब लोगों को ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर और इसके कारण होने वाली बिजली कटौती से नहीं जूझना पड़ेगा। फरेंदा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए कारगर पहल की गई है। एक फीडर बनकर तैयार हो जाने से करीब 40 हजार लोगों को बेहतर ढंग से बिजली मिलने लगी है।
वहीं दूसरा फीडर भी बनाने के लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इससे करीब छह हजार उपभोक्ताओं को फायदा होगा। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए की जा रही इस पहल से आने वाले दिनों में ट्रीपिंग, लो-वोल्टेज आदि की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी।
विद्युत वितरण खंड आनंदनगर द्वितीय डिवीजन क्षेत्र में बिजली कटौती व ओवरलोडिंग की समस्या दूर करने के लिए पोखरभिंडा में एक नया फीडर बनाया गया है। इससे बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है। करीब 40,000 उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और ओवरलोडिंग की समस्या से सीधे फायदा मिलना शुरू हो गया है।
वहीं, विद्युत उपकेंद्र बृजमनगंज क्षेत्र के बहादुरी बाजार द्वितीय में एक नया फीडर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस फीडर के बनने से लगभग छह हजार उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और ओवरलोडिंग से निजात मिलेगी।
36 लाख रुपये की लागत से पोखरभिंडा में एक नया फीडर बना है। इससे 17 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और ओवरलोड की समस्या से मिल गई है। पहले खजुरिया फीडर से करीब 37 गांवों की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था थी।
इन गांवों में इसके कारण आए दिन इन गांवों में लोग बिजली कटौती की समस्या से परेशान थे। दिनेश ने बताया कि जब खजुरिया फीडर से बिजली की आपूर्ति की जा रही थी तो उस समय रोजाना एक-एक घंटे पर बिजली कटौती से आम जनता की जीना दुश्वार हो गया था। कभी रात में बिजली गुल होती थी तो भोर में चार बजे बिजली आती थी। कपिल ने बताया कि विद्युत विभाग की इस व्यवस्था से अब बेहतर ढंग से बिजली की सप्लाई मिल रही है।
उपकेंद्र बृजमनगंज क्षेत्र के बहादुरी बाजार द्वितीय में 46 लाख रुपये की लागत से एक नया फीडर बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। बहदुरी बाजार प्रथम फीडर से कुल 55 गांवों की आपूर्ति होती है। इससे इन गांवों में बिजली कटौती की समस्या आम बात है।
आलोक कुमार ने बताया कि इन गांवों में चार-चार घंटे बिजली कटौती से लोग आजिज आ गए हैं। बंशीधर ने बताया कि बहादुरी बाजार द्वितीय के नाम से नया फीडर बनने से आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति बेहतर मिलेगी।