- शराब, आर्थिक तनाव और संवाद की कमी बनी वजह
- सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा के 63 मामले पहुंचे
महराजगंज। छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ पति-पत्नी का विवाद अब महिला थाना और सखी वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच रहा है। घरेलू हिंसा, शराब के बाद मारपीट, पति के लंबे समय तक घर से बाहर रहने, अवैध संबंध के आरोप और आर्थिक मामलों को लेकर दंपतियों में तनाव सामने आ रहा है। एक अप्रैल से अब तक सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा से जुड़े 63 मामले, जबकि महिला थाने में करीब 204 मामलों में सुलह-समझौता कराया गया है।
मामूली विवाद से शिकायत तक पहुंच रहा मामला
महिला थाना और सखी वन स्टॉप सेंटर में पहुंचने वाले मामलों में कई बार विवाद की शुरुआत मामूली बात से होती है। बातचीत का अभाव, शराब की लत, आर्थिक दबाव और परिवार के अन्य सदस्यों से अनबन के कारण स्थिति बिगड़ती जाती है। कुछ मामलों में अवैध संबंध को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी दंपतियों के बीच तनाव का कारण बन रहे हैं।
सीमावर्ती और जंगल क्षेत्र से भी पहुंच रहीं शिकायतें
सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक ऋचा मिश्रा ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा और जंगल क्षेत्र के थानों से भी दंपतियों के विवाद से जुड़े मामले आ रहे हैं। शिकायत मिलने पर दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी जाती है और मामले की प्रकृति के अनुसार समझौते का प्रयास किया जाता है। गंभीर मामलों में नियमानुसार कार्रवाई कराई जाती है। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सेंटर पर आने वाले कई मामलों में शिक्षा और पारिवारिक समझ की कमी भी सामने आती है।
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केस-1
शराब पीकर पत्नी से मारपीट का आरोप
नौतनवा थाना क्षेत्र की एक महिला ने पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाया। महिला के अनुसार, शादी के करीब 12 वर्ष बाद भी पति शराब पीकर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता और मारपीट करता था। सेंटर की टीम ने दोनों को बुलाकर बातचीत की। समझाने के बाद दंपती साथ रहने को तैयार हो गया। मामले की निगरानी भी की जा रही है।
केस-2
संयुक्त खाते से 16 हजार निकालने पर विवाद
कोठीभार थाना क्षेत्र की महिला ने पति पर संयुक्त खाते से 16 हजार रुपये निकालकर शराब पीने का आरोप लगाया। शिकायत के बाद दोनों को सेंटर बुलाया गया। बातचीत के जरिए विवाद सुलझाया गया और दंपती को साथ भेज दिया गया।
संवाद की कमी से बढ़ती हैं दूरियां
महिला थाना प्रभारी सरोजनी वर्मा के अनुसार शिक्षा की कमी के साथ पति-पत्नी में आपसी लगाव और संवाद का अभाव भी विवाद बढ़ने का कारण हो सकता है। अप्रैल से अब तक करीब 204 मामलों में सुलह-समझौता कराया गया है। परिवार में समय रहते बातचीत और एक-दूसरे की बात समझने से कई विवाद शुरुआती स्तर पर ही सुलझाए जा सकते हैं।
समाजशास्त्री डॉ. पूनम वर्मा का कहना है कि पति-पत्नी के बीच समन्वय, संवाद और विश्वास की कमी, आर्थिक दबाव, शराब की लत तथा पारिवारिक अपेक्षाओं में अंतर तनाव बढ़ा सकते हैं। महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक जागरूकता से उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता की जानकारी भी बेहतर तरीके से मिलती है।
मनोवैज्ञानिक गुलाब चंद्र के अनुसार रिश्तों में संवाद की कमी, आपसी विश्वास का कमजोर होना, एक-दूसरे को समय न देना और आर्थिक-पारिवारिक तनाव दूरी बढ़ा सकते हैं। छोटी बातों पर क्रोध और अहंकार भी विवाद को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में एक-दूसरे की भावनाओं और सम्मान को समझना जरूरी है।