280 रुपये मखाना, 650 रुपये में 250 ग्राम मिल रही चिरौंजी
मेवा के दाम में उछाल, महंगाई बिगाड़ रही है बजट
महराजगंज। मार्च में होली के अलावा ईद का त्योहार भी है। दोनों त्योहारों में स्वाद और पौष्टिकता के लिए सूखे मेवे का इस्तेमाल किया जाता है। इस बार सूखे मेवे के भाव आसमान की ओर रुख कर चुके हैं। इससे होली की गुझिया में पहले की अपेक्षा मेवे की मात्रा घटी है जबकि ईद की सेंवई में भरपूर दिखने वाली चिरौंजी इस बार कम दिखेगी। 500 रुपये पाव बिकने वाला चिरौंजी एक माह में ही 650 की दर से बिक रहा है।
चार मार्च की होली की तैयारियां घरों में शुरू हो चुकी है। गृहणियां चिप्स, पापड़, कचरी व गुझिया तैयार करने में जुटी हैं। गुझिया बनाने के लिए कई घरों में दूध से खोया तैयार किया जा रहा है। महंगाई के कारण इस बार गुझिया में मेवे की मात्रा सीमित रहेगी। सूखा मेवा कारोबारी धीरेंद्र निगम ने बताया कि गरी का भाव 95 रुपये पाव और छुहारा 50 रुपये पाव है। किशमिश 130 रुपये पाव हो गया है। मखाना 280 रुपये पाव किलो बिक रहा है। बादाम व काजू दोनों के भाव 340 रुपये पाव बिक रहे हैं। जबकि जनवरी महीने में गरी का दाम 65, छुहारा 35, किशमिश 95 रुपये पाव की दर से बिक रहे थे।
महंगाई के कारण होली में बिक्री की रफ़्तार सुस्त है। कारोबारी अनिल जायसवाल ने बताया कि सहालग के साथ होली व रमजान में सूखे मेवे का रेट बढ़ा है जिसके कारण सीमित बिक्री देखने को मिल रही। अन्यथा होली व रमजान में अबतक सूखे मेवे खूब बिकते रहे।
घटानी पड़ी खरीद
मुख्यालय की नीलम वर्मा व पलक ने बताया कि इस बार मेवे पिछली बार के मुकाबले काफी महंगे जिसके कारण कम मात्रा में खरीद कर रहे। नूरजहां व महजबी ने बताया कि रमजान की सहरी में सेंवई जरूरी है। इसमें सूखे मेवे ही एक तरह से जायका बढ़ाते, लेकिन इस बार महंगा होने से किसी तरह काम चल रहा है।
मेवा - पहले - अब
गरी- 65- 95
छुहारा- 35 - 50
किशमिश- 95 - 130
बादाम- 280- 340
काजू- 280 - 340
मखाना- 240 - 280
चिरौंजी- 510 - 650
( स्रोत- फुटकर बाजार महराजगंज, वजन 250 ग्राम)