सोनौली। नेपाल के बाजुरा जिले में रानीसैन क्षेत्र में हुम्ला से आए जनप्रतिनिधियों के साथ मारपीट को लेकर चल रहे विवाद ने नया रूप ले लिया है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने शुक्रवार को टायर जलाकर विरोध जताया। इससे धुलाचौर मार्ग पर यातायात तरह ठप हो गया था। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रभावित हो गई।
आंदोलन के कारण न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हुई बल्कि धुलाचौर मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे भारतीय और नेपाली श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की यात्रा भी प्रभावित हुई। सड़क बंद होने से कई यात्रियों को पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, काठमांडू से 18 सदस्यीय दल के साथ कैलाश मानसरोवर जा रहे यात्रियों की बस बुधवार सुबह धुलाचौर पहुंची लेकिन सड़क अवरुद्ध होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद यात्रियों ने पैदल मार्ग से अपनी यात्रा जारी रखी। बताया जा रहा है कि इस मार्ग से जाने वाले अन्य भारतीय श्रद्धालु और पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं।
प्रदर्शनकारी हिमाली गांवपालिका के प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत कुलबहादुर थापा तथा वार्ड सदस्य पेमागारा गुरुड़ समेत अन्य लोगों के साथ हुई मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं हिंसा और आगजनी की घटनाएं
बताया गया कि गत 3 मई को हुम्ला से आए कुछ लोगों ने लाम्पाटा गांव पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी। इसी दौरान पर्यटन प्रवर्द्धन के लिए साइपाल हिमाल के बेस कैंप रानीसैन जा रहे धनगढ़ी के मेयर गोपाल हमाल के समूह पर भी पथराव किया गया था। कुछ दिन पहले क्षेत्र में स्थानीय लोगों के बनाए गए भेड़पालन के गोठों में आगजनी की घटना भी सामने आई थी। स्थानीय लोगों ने आगजनी, मारपीट और लूटपाट की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने की मांग की है। बाजुरा जिला मुख्यालय मार्तडी में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। बाजुरा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी लक्ष्मण पुडासैनी ने कहा कि धुलाचौर में स्थानीय लोग आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर हुम्ला पुलिस के सहयोग से मारपीट में शामिल आरोपितों की तलाश की जा रही है और मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।