स्वर्ण व्यवसायियों ने उत्पाद कर वापसी के लिए आरपार के संघर्ष का एलान किया है। रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। पलिया नाले पर पुतला दहन कर विरोध जताया। सोमवार से रेल रोकने का निर्णय लिया गया। नौतनवा के व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
शव यात्रा को स्वर्ण व्यवसायियों ने मऊपाकड़, बस स्टेशन, फरेन्दा रोड, हनुमानगढ़ी होते हुए पलिया नाले पर पहुंच कर पुतला फूंका तथा सक्सेना चौक पर सभा की। अनिल वर्मा ने कहा कि 25 वें दिन का बंदी है। अगर एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं लिया गया तो यह बंदी आगे उग्र रूप लेगी। जब तक केन्द्र सरकार एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं लेती है। तब तक संघर्ष जारी रहेगा। काले कानून का विरोध अपनी दुकानें बंद कर जारी रखेंगे।
विजय सोनी ने कहा कि अब एक्साइज ड्यूटी वापस कराने के लिए स्वर्ण व्यवसायी किसी भी हद तक जा सकते हैं। शव यात्रा के बाद रेल रोको आंदोलन, सड़क जाम करने के लिए बाध्य होंगे। स्वर्ण व्यवसायियों से मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष काशीनाथ वर्मा ने सभी सर्राफा व्यवसायियों को संयम और धैर्य रखने को कहा। अनिल वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को व्यापारियों की चिंता नहीं है। एक्साइज ड्यूटी लगाकर सराफा व्यापारियों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। अच्छेलाल, अरविन्द वर्मा, दीनबन्धु, अजय, अरुण कुमार, ओम प्रकाश वर्मा, मोहन, बसंत, गणेश सुखसागर, विजयी, दिलीप, अनिरुद्ध तारकेश्वर, जितेन्द्र के अलावा तमाम स्वर्ण व्यवसायी शामिल रहे।
नौतनवा प्रतिनिधि के मुताबिक नगर के स्वर्ण व्यवसायियों ने काली पट्टी बांधकर नगर में मौन जुलूस निकाला। हाथों में केन्द्र सरकार और वित्त मंत्री विरोधी तख्तियां और काले झंडे लेकर व्यापारी हनुमान चौक होते हुए नौतनवा चौराहा, रेलवे स्टेशन, जनता चौक होकर सोनारी मोहल्ले पहुंचे। जहां स्वर्णकार संघ अध्यक्ष भुआल वर्मा ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री स्वर्ण कारोबारियों और कारीगरों पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर जुल्म किया है। जब तक वह वापस नहीं होगा। जिले के सभी स्वर्णव् यापारीअपनी दुकानें बंद कर केन्द्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन जारी रखेंगे। संतोष वर्मा, श्रवण वर्मा, त्रिलोकी वर्मा, शत्रुधन सोनी, मनीष वर्मा, राजकिशोर वर्मा, गोपाल वर्मा सहित दर्जनों स्वर्ण व्यवसायी मौजूद रहे।