बंदर के आतंक से आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम
वन विभाग के अधिकारियों पर लगाया निष्क्रियता का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कोतवाली क्षेत्र के कांध गांव के लोग बंदर के आतंक से परेशान हैं। बंदर के हमले में 13 लोग घायल हो गए। वहीं वन विभाग बंदर को पकड़ने में रुचि नहीं ले रहा है। इससे नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को फरेंदा-महराजगंज मार्ग पर रामनगर चौराहे के पास जाम कर दिया। सुबह नौ बजे से लगा जाम करीब 10.30 बजे समाप्त हुआ। मौके पर पहुंचे डीएफओ ने बंदर को जल्द पकड़वाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया।
गांव के लोगों ने बताया कि तीन दिन से बंदर ने परेशान कर रखा है। इस बीच बंदर के हमले में 13 लोग घायल हो गए। लेकिन वन विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। राजेंद्र चौधरी ने बताया कि बंदर को पकड़ने के लिए वन विभाग को सूचना दी गई लेकिन विभाग के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि पकड़ी के रेंजर ने बंदर को पकड़ने के लिए दस हजार रुपये की मांग की। बंदर के हमले में शिवनाथ (65), विनोद (28), रामबरन (70), तिजु (55), नागेंद्र (18), जनार्दन गुप्ता (45), सुखराम (55), रामलाल (26), अनिल सिंह (70), पौहारी सिंह (80), लाली (30) आदि घायल हुए हैं।
बुधवार को वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होते देख लोगों ने फरेंदा-महराजगंज मार्ग पर जाम लगाकर गुस्से का इजहार किया। वन विभाग के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। करीब डेढ़ घंटे जाम लगा रहा। सूचना मिलने पर सीओ के साथ एसडीएम देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन गांव के लोग अपनी जिद पर अडे़ रहे। लोगों का कहना था कि बंदर को तत्काल पकड़ा जाना चाहिए। उनका कहना था कि गांव में बंदर किसी के भी घर में घुस जाता है। लोग डरे हुए हैं कि बंदर किसके घर में घुसकर हमला कर देगा, कोई ठीक नहीं है। लोगों में नाराजगी बढ़ने की सूचना पर डीएफओ पुष्प कुमार के. भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया। उत्पात मचाने वाले बंदर को जल्द पकड़वाने की व्यवस्था की जा रही है।