महराजगंज। महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में कमर दर्द से पीड़ित महिलाएं आ रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण गलत तरीके से बैठना और सोना है। वहीं, लंबे समय तक सही तरीके से न बैठकर बच्चे को दूध पिलाने से भी समस्या हो रही है। कमर दर्द की समस्या से पीड़ित रोजाना 10 से 15 महिलाएं इलाज कराने आ रही हैं।
महिला अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना ओझा ने बताया कि गर्भावस्था या उसके बाद महिलाओं को कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण गलत तरीके से बैठना और सोना है। वहीं, लंबे समय तक सही तरीके से न बैठकर बच्चे को दूध पिलाने से भी समस्या हो रही है। साथ ही शारीरिक कमजोरी भी एक कारण हो सकता है। इसलिए महिलाओं को इस दौरान सही ढंग से बैठने का ध्यान रखना चाहिए। वहीं, आजकल बाहरी खानपान का चलन बढ़ गया है। इससे वजन बढ़ सकता है।
वजन बढ़ने से शरीर का सारा भार रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जो मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालकर जोड़ों में खिंचाव पैदा करता है। परिणाम स्वरूप कमर दर्द की शिकायत होने लगती है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं की आहार शैली अनियमित होने से उन्हें कमर दर्द होना आम बात है। उनके खाने में जरूरी पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, विटामिन डी, आयरन आदि की कमी से शरीर में कमजोरी आ जाती है। वहीं, अनियमित मासिक धर्म की वजह से भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। कई बार अधिक खून बहने से कमर दर्द होता है। अगर लंबे समय तक ऐसा हो रहा है तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें। विटामिन डी कमी से भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है।