महराजगंज। जिला कारागार को हाईटेक कर दिया गया है। यहां कैदियों की गतिविधियों पर सिर्फ बंदी रक्षक ही नहीं बल्कि एआई तकनीकी से लैस तीसरी आंख से भी नजर रखी जा रही है। इसके लिए जिला कारागार में 36 सीसीटीवी कैमरे प्रभावी हैं जिसकी 24 घंटे फुटेज कभी भी देखी जा सकती है।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए जिला जेल में मानिटरिंग यूनिट भी स्थापित की गई है। यूनिट में तीन बंदी रक्षकों की 12-12 घंटे पर ड्यूटी भी लगाई जाती है। इतना ही नहीं अब यहां निरुद्ध कैदी को कोर्ट के निर्देश पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए भी प्रस्तुत किया जा सकेगा।
इसके लिए कारागार में एक वीसी रूम भी स्थापित किया जा चुका है। नए वर्ष में प्रभावी इन व्यवस्थाओं से जिला कारागार हाईटेक जेलों में शामिल हो गया है जहां कुख्यात बंदियों को भेजने में कोर्ट या कारागार अधिकारियों को सुरक्षा एवं निगरानी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
महराजगंज जिला कारागार की क्षमता 1000 बंदियों की है। मौजूदा समय में यहां 791 कैदी निरुद्ध हैं, जिनमें 53 महिलाएं व विदेशी भी शामिल हैं। कारागार की सुरक्षा व निगरानी के लिए पहले से ही काफी सख्त इंतजाम थे। अब सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल करते हुए और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कारागार में हाईफिक्वेंशी वाले 36 सीसीटीवी कैमरे विभिन्न स्थानों पर इस कदर गुप्त तरीके से व्यवस्थित किए गए हैं कि बंदियों को एहसास तक नहीं होता कि वह निगरानी में हैं। उन्हें तब पता चलता है जब किसी गलत गतिविधि के लिए उन्हें अधिकारियों से चेतावनी दी जाती है। सीसीटीवी फुटेज की निगरानी के लिए मानिटरिंग यूनिट भी जेल में स्थापित की गई है जिसके बड़े स्क्रीन पर प्रत्येक कैमरे में कैद होती गतिविधियों की फुटेज प्रदर्शित होती रहती है।