आरोपी के पक्ष में गवाही देने का दबाव बना रहे थे जेल में बंद आरोपी के घर वाले, पुलिस ने आठ पर दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बृजमनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी दुष्कर्म के मामले का आरोपी जेल में बंद है। मामले में आरोपी के घर वाले पीड़िता पर ही गवाही पक्ष में देने का दबाव बना रहे थे। जब बात नहीं बनी तो आरोपी के घर वालों ने लाठी डंडों के साथ गोलबंद होकर पीड़िता की जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पीड़िता की मां ने पुलिस से बताया है कि बीते महीने उसकी नाबालिग लड़की के साथ गांव के एक युवक ने दुष्कर्म किया था। जिस मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पाक्सो सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। अब मुकदमे में गवाही चल रही है। उसी मामले में 14 अक्तूबर करीब 4 बजे आरोपी के परिजन लाठी डंडों के साथ गोलबंद होकर उनके घर आ पहुंचे। उसके बाद पक्ष में गवाही देने और सुलह करने के लिए दबाव बनाने लगे। जिसका विरोध करने पर वह लोग आक्रोशित हो उठे।
फिर बाल पकड़ खींचते हुए अपने दरवाजे पर लेकर चले गए। जहां पर उन लोगों ने बेरहमी से पिटाई की। उसकी चीख पुकार के बाद मौके पर ग्रामीणों को इकट्ठा होते देख वह लोग मौके से भाग निकले। आरोपी के परिजनों की दबंगई से वह काफी डरी और सहमी हुई है। क्योंकि, आरोपी के परिजन उनकी हत्या करने की धमकी दे रहे हैं।
बृजमगंज थाना प्रभारी निरीक्षक श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि मामले में पीड़िता की तहरीर के आधार पर आठ आराेपियों के खिलाफ बलवा, जान से मारने की कोशिश सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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न्याय के लिए 17 दिन दौड़ती रही पीड़िता
पीड़िता की मां ने बताया कि वह घटना के बाद 17 दिनों तक न्याय के लिए स्थानीय पुलिस से गुहार लगाती रही, लेकिन पुलिस कुछ भी सुनने से इंकार करती रही। ऐसे में उसने जनता दर्शन में पहुंच कर उच्चाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। उसके बाद स्थानीय पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए उनसे पूछताछ कर रही है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि आरोपियों के डर से बीते तीन दिनों से वह घर नहीं पहुंची है। बहन के घर रह रही है।
चोरी करता था जेल जा चुका आरोपी
पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पांच बेटियां और एक बेटा है। पति रोजी-रोटी के सिलसिले में अक्सर मुंबई रहते हैं। जेल जा चुका आरोपी सुनसान पाकर घर में घुस कई बार चोरी भी कर चुका था। ऐसे में पुलिस से शिकायत करने के बाद पंचायत कर सुलह समझौता करा दिया गया था। फिर भी आरोपी के कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं हुआ। सुलह समझौता के कुछ ही दिन बाद आरोपी बेटी के साथ घटना काे अंजाम दिया।
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डर के मारे बेटे को भेजा मुंबई
पीड़िता ने बातचीत में आगे बताया की जेल जा चुका आरोपी के परिजन गवाही अपने पक्ष और सुलह समझौता के लिए काफी दिनों से दबाव बना रहे थे। उनकी बात न मानने पर वह लोग उन्हे धमकी दे रहे थे। जिससे डर के एकलौते बेटे को पति के पास मुंबई भेज दी है।