सावन के दूसरे सोमवार को शिव की अराधना में लीन रहे फ्रांसीसी
महराजगंज/लक्ष्मीपुर। कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा शिव मंदिर फ्रांसीसी परिवार के लिए भी आस्था का केंद्र बना हुआ है। सावन में दूसरे सोमवार को भी इस परिवार ने भगवान शिव की अर्चना की। विदेशी मेहमानों से हर-हर महादेव सुनकर गांव के लोग काफी खुश हुए।
विदेशी सभ्यता संस्कृति में पला-बढ़ा यह परिवार अब भारतीय संस्कृति में रच बस रहा है। भारतीय भोजन ही नहीं, अब तो उन्हें भारत का धर्म व संस्कृति में भी ज्यादा लगाव हो गया है। तभी तो इन दिनों मंदिर परिसर में रहने वाला फ्रांसीसी परिवार लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस परिवार के पैट्रीस पैलेरस व उनकी पत्नी वर्गिनी पैलेरस तथा दो बेटियां ओफिली पैलेरस व लोला पैलेरस व बेटा टाम पैलेरस फ्रांस के टूलूज शहर से जुलाई 2019 को 24 देशों की यात्रा पर निकले। वे यूरोप, तुर्की, जार्जिया, ओमेनिया, ईरान, दुबई, अमीरात, यूएई, ओमान से पाकिस्तान होते हुए एक मार्च 20 को बाघा बार्डर से भारत पहुंचा।
ओफली पैलेरस ने बताया कि भारत भ्रमण के बाद नेपाल, म्यांमार, थाईलैंड, लाऊस व कंबोडिया का भ्रमण अभी शेष है। लॉकडाउन व नेपाल सीमा सील होने के कारण वे अभी मंदिर में ही अपना ठिकाना बना कर रह रहे हैं। पूरा परिवार देवाधिदेव महादेव का भक्त है। ऐसे में सावन माह पूरा परिवार भोलेनाथ की विधिवत पूजा की जा रही है। परिवार के सभी सदस्य सावन के प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ के दरबार में मत्था टेकते हैं। मंदिर के पुजारी बाबा हरिदास ने बताया कि फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य मंदिर में भगवान शिव की पूजा करते हैं। उनका हर हर महादेव बोलना अच्छा लगता है।
फ्रांस के टूलूज शहर के रहने वाले पैट्रीस पैलेरस अपनी पत्नी व बच्चों समेत टूरिस्ट बीजा पर पहली मार्च 2020 को पाकिस्तान से बाघा बार्डर होते हुए भारत में आए, जिन्हें भारत के विभिन्न स्थानों के भ्रमण के बाद नेपाल जाना था। कोरोना संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन व नेपाल सीमा सील होने के कारण वह नेपाल नहीं जा सके। लिहाजा सीमा खुलने तक पुरंदरपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा स्थित एक मंदिर को अपना आशियाना बना लिया।