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पॉलिथीन पर प्रतिबंध से कुम्हारों को मिला काम

Fri, 03 Aug 2018 12:50 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
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पॉलिथीन पर प्रतिबंध से कुम्हारों को मिला काम - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। चाय पीने के लिए प्रयोग होने वाले प्लास्टिक के गिलास पर प्रतिबंध के बाद बाजार में मिट्टी के बर्तन की बिक्री बढ़ गई है। अब तक 30 से 40 रुपये प्रति सैकड़ा बिकने वाला कुल्हड़ अब 50 से 60 रुपये में मिल रहा है। दूध, जूस और लस्सी के लिए प्रयोग होने वाले बड़े कुल्हड़ 70 से 90 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से बिक रहे हैं।
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  हालांकि बारिश के दिनों में मिट्टी के बर्तनों को पकाने के लिए लकड़ी महंगी हो जाने से तो कुम्हार परेशान हैं ही, साथ ही मिट्टी के कच्चे बर्तनों को सुखाने में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोहिया नगर के रहने वाले गणेश श्रीवास्तव ने बताया कि पॉलीथिन का प्रयोग पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। प्लास्टिक के सामान प्रयोग के बाद खुले स्थान पर फेंक दिए जाते थे, जिससे नाले और नालियां तो चोक हो ही जाती हैं, साथ ही उन्हें खाने से मवेशियों की मौत भी हो जाती है। प्रदेश सरकार ने सभी तरह की पॉलीथिन के भंडारण व प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि प्रतिबंध सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एएम भास्कर ने बताया कि पॉलीथिन रक्तचाप और कैंसर ही नहीं शरीर में हारमोनल बदलाव के लिए भी जिम्मेदार है। रिसाइकल होकर बनी रंगीन पॉलीथिन सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती है। रंगीन पॉलीथिन के तत्व सीधे मनुष्य के पेट में जाकर अपच, रक्तचाप लीवर में शिकायत के साथ कैंसर तक का कारण बनते हैं। ऐसे में सचेत रहने की जरूरत है।डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कुल्हड़ बनाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। जिले में छापेमारी के लिए टीम बनाई गई है। अगर किसी दुकान पर पॉलीथिन मिलेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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