चार शिक्षकों के भरोसे पॉलीटेक्निक की पढ़ाई
23 के सापेक्ष तैनात हैं महज चार शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। महामाया आईटी पॉलीटेक्निक में अध्ययनरत 450 विद्यार्थियों की पढ़ाई अब चार शिक्षकों के भरोसे चल रही है। पॉलिटेक्निक में विभागाध्यक्ष से लेकर प्रवक्ता तक के कुल 23 पद सृजित हैं, मगर मानक से कम शिक्षकों की तैनाती के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई गति नहीं पकड़ पा रही है।
जिले के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2016-17 में धनेवा में महामाया आईटी पॉलीटेक्निक की स्थापना हुई थी। स्थापना के यहां पर इलेक्ट्रानिक व कंप्यूटर ट्रेड में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कुल 23 शिक्षकों के पद स्वीकृत हुए। स्थापना के बाद से अब तक यहां अध्यापन का कार्य 10 शिक्षकों के भरोसे चल रहा था, लेकिन हाल ही में छह शिक्षकों का तबादला हो जाने से अब महज चार शिक्षक पालीटेक्निक में पंजीकृत 450 विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। मानक के मुताबिक शिक्षकों की तैनाती न होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है।
पॉलीटेक्निक के प्रभारी प्रधानाचार्य एमएस कुशवाहा ने बताया कि शिक्षकों व कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही व्यवस्था सुधर जाएगी।
भौतिक, रसायन व कंप्यूटर में शिक्षक नहीं
पालीटेक्निक में वैसे तो विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए 23 शिक्षकों की आवश्यकता है, मगर इलेक्ट्रिकल, गणित व इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियर के दो पदों पर ही तैनाती है। भौतिक, रसायन, अंग्रेजी, कंप्यूटर विषय में एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों कोसमस्याओं से जूझना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य का भी पद रिक्त चल रहा है।
अनुदेशकों व लिपिकों का भी टोटा
पॉलीटेक्निक में शिक्षकों की कमी तो है ही, लिपिकों व अनुदेशकों का भी टोटा बना हुआ है। लिपिकों के तैनात न होने से जहां कार्यालयीय कार्य बाधित हो रहे हैं वहीं अनुदेशकों के न होने से विद्यार्थियों को कार्यशाला में भी बेहतर ज्ञान नहीं मिल पा रहा है।