पडरौना। पुलिस कहती रही कि तहरीर नहीं मिली, लेकिन पुलिस अधीक्षक का फोन आते ही मंगलवार को विवाहिता के पति सहित सात लोगों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। आखिर कहां से आई तहरीर? जबकि उस समय महराजगंज की वादी अपने घर पर थी। आरोप है कि हत्या जैसे मामले में भी रामकोला की पुलिस समझौता कराना चाहती थी।
सोमवार को थाने पर तीन घंटे तक शव को रखकर इस बात का विवाद चलता रहा कि अंतिम संस्कार कौन करेगा? काफी समझाने के बाद आरोपी पति ने दाह संस्कार किया। पुलिस ने पहले उसे हिरासत में लिया, लेकिन दाह संस्कार के बाद छोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि प्रधान के भरोसे पति को छोड़ दिया गया है। मृतका के मायकेवालों का आरोप है कि थाने की पुलिस को दो बार फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। मृतका के भाई का आरोप है कि पुलिस के सामने ही ससुराल वालों ने हत्या की बात स्वीकार की थी। फिर भी पुलिस समझौता कराने में जुटी थी। कप्तान को बताया गया तो मुकदमा दर्ज हुआ।
महराजगंज जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव निवासी एवं मृतका की मां रीना चौरसिया ने बताया कि उन्होंने सोमवार की शाम को पुलिस को दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री रानी चौरसिया की शादी हिंदू रीति रिवाज से 25 नवंबर वर्ष 2020 को कुशीनगर जनपद के रामकोला थाना क्षेत्र के राजपुर खास निवासी उपेंद्र चौरसिया के साथ हुई थी। दोनों से करीब डेढ़ वर्ष की बच्ची है। मां का आरोप है कि रविवार की रात नौ बजे रानी का पति चार लोगों के साथ मिलकर बेटी को मार-पीटकर घायल करने के बाद उसकी हत्या कर दी। रात 10:30 बजे फोन कर बताया कि रानी की तबीयत खराब होने से उसकी मौत हो गई है।
दूसरी ओर आरोपी पति उपेंद्र का कहना है कि रविवार की रात रानी से मोबाइल फोन पर बात करने को लेकर विवाद हुआ था। रात के 11 बजे बोलेरो बुक कर पत्नी को मायके छोड़ने के लिए चल दिया। अभी वह हाटा-कप्तानगंज मार्ग स्थित सेमरा गांव के पास पहुंचा था, उसी समय उसकी पत्नी रानी चलती बोलेरो से कूद गई। इससे उसे गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि पति उपेंद्र उसे अस्पताल न ले जाकर घर लेकर चला गया। घर पर उसकी देर रात मौत हो गई।
थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार से बताया कि मंगलवार की शाम को तहरीर मिली है। मृतका की मां के तहरीर पर सात लोगों पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस पर फोन नहीं उठाने का आरोप
मृतका के भाई राजन चौरसिया ने बताया कि उसकी बहन की मौत की सूचना पर सोमवार की सुबह रामकोला थाने के सीयूजी नंबर पर 6:23 बजे फोन किया गया। पूरी घंटी गई, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। दोबारा 8:30 बजे फोन किया गया। तब भी थाने के सीयूजी नंबर पर फोन नहीं उठा। इसके 20 मिनट बाद ही पुलिस अधीक्षक के सीयूजी नंबर पर फोन किया गया। किसी और ने फोन उठाया और पूरा मामला नोट कर लिया। इसके बाद थाने की पुलिस से बात हुई।
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पुलिस के सामने दिया मायके वालों को धमकी
मृतका के भाई राजन ने बताया कि बहन की मौत की सूचना पाकर सोमवार की सुबह अपनी बहन के घर मां, बड़ी मां और चाची सहित कई लोगों के साथ पहुंचा। उसके ससुराल वाले विवाद करने लगे। दो घंटा बाद पुलिस पहुंची तो उनके सामने ही उसकी बहन का जेठ मृतका के मायके वालों को तलवार से काटने की धमकी देने लगा। पुलिस वहीं खड़ी थी। मृतका की मां रीना ने बताया कि घर पहुंची तो किसी के चेहरे पर उसकी बेटी की मौत मातम नहीं था। उलटे बोलने लगे कि तुम्हारी बेटी को पीटकर मार डाले हैं। यह सभी बात पुलिस के सामने हुई। यह बातें थाने पर पहुंचकर बड़े साहब को भी बताया गया।
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शव के दाह संस्कार को लेकर तीन घंटा चला विवाद
मृतका के भाई राजन ने बताया कि उसकी बहन रानी का पोस्टमार्टम होने के बाद शव को थाने पर लेकर पहुंचे। वहां पर उसके पति से शव के दांह सस्कार के लिए कहा गया तो वह इनकार कर दिया। कहा कि रानी के शव को कफन तक देना स्वीकार नहीं है। इसके बाद तीन घंटे तक इसी बात का लेकर विवाद चलता रहा। क्षेत्र के कुछ लोगों के कहने पर मृतका के पति उपेंद्र ने सोमवार की रात अपनी पत्नी रानी का दाह संस्कार किया।
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तहरीर बदलवाने का पुलिस ने किया था प्रयास
मृतका की मां ने आरोप लगाया कि थाने पर जब पहुंची तो पुलिस ने कहा कि तुम इसमें कई लोगों को फंसा रही हो। तहरीर बदल को दो। तब जाकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए कई बार धमकाया भी। मेरे गांव लोग जब पुलिस से सवाल जवाब करने लगे तो पुलिसवाले चुप हो गए। मृतका की मां रीना ने बताया अपनी बेटी रानी के पति सहित सात लोगों पर मार पीटकर हत्या की तहरीर दी थी। मुकदमा दहेज हत्या का दर्ज किया गया, जबकि तहरीर में इसका उल्लेख तक नहीं है।
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मृतका की मां के तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर कब दी गई है। इसकी जांच की जा रही है। सच्चाई सामने आते ही कार्रवाई की जाएगी।
धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक