लखनऊ में सोमवार को आयोजित प्रधानों के धरना को लेकर पुलिस ने सतर्कता दिखाई। 25 ग्राम प्रधानों को सदर कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया। इसको लेकर ग्राम प्रधानों में गुस्सा है।
अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिला प्रभारी अजयधर दूबे और जिला प्रवक्ता प्रणय कुमार गौतम ने संयुक्त रूप से कहा कि लखनऊ में रैली का आयोजन 20 अक्टूबर को आयोजित है। जबकि पंचायती राज प्रधान संगठन की रैली सोमवार को लखनऊ में आयोजित थी। शासन इस रैली में शामिल होने वाले प्रधानों को लखनऊ पहुंचने से रोकने का फरमान जारी किया था। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय प्रधान संगठन के सदर ब्लाक के प्रधान नसीम खान, धनंजय शर्मा, शमशाद अली, लायक अली, शैलेन्द्र मद्धेशिया, रमेश सिंह, अशोक पटेल, मेराज अहमद खान, टिटू राय, जयहिंद पटेल, कलीमुल्लाह, लीलावती देवी, राधेश्याम यादव, अर्चना सिंह, अविनाश, दिनेश, महेन्द्र रणजीत यादव व कौशिल्या देवी को पुलिस ने शक के आधार पर हिरासत में ले लिया। बाद में निजी मुचलके पर इन्हें रिहा भी कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि 20 अक्टूबर को होने वाली रैली में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे और प्रधानों के साथ हो रहे नाइंसाफी और पूरी जोश के साथ लड़ेंगे। प्रधानों के मान एवं सम्मान के साथ अखिल भारतीय प्रधान संगठन कोई समझौता नहीं करेगा। यदि प्रधानों को लखनऊ रैली में जाने से रोका गया तो प्रधान लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ने के लिए पीछे नहीं हटेगा।
प्रधानों को पुलिस ने रोका
ब्लाक के ग्राम प्रधान अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने लखनऊ जा रहे थे। जैसे ही इसकी जानकारी श्यामदेउरवा पुलिस को हुई। एसओ श्यामदेउरवा रमाकर यादव ने थाने गेट पर प्रधानों की गाड़ी रोकर प्रधानों को हिरासत में लिया और निजी मुचलके पर छोड़ दिया । परतावल ब्लाक के ग्राम प्रधान सोमवार को सुबह अपनी मांगो को लेकर लखनऊ धरना प्रदर्शन करने के लिए जा रहे थे ।
ग्राम प्रधानों में अर्जुन खरूल्लाह, अबुलहसन ,छोटेलाल, हरिश्चन्द्र, रामआशीष, गोपीनाथ आदि प्रधान थे ।