फरेंदा कस्बे में संचालित ईवी शोरूम में वाहन खरीदते ग्राहक।
महराजगंज। अमेरिका, इस्रायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने बीच प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की है। जनपद में दिसम्बर 2025 तक सिर्फ 10 हजार ईवी एआरटीओ दफ्तर में पंजीकृत थे लेकिन जनवरी 2026 से अब तक कुल तीन हजार ईवी पंजीकृत हो चुके हैं।
प्रदूषण रहित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार दो वर्ष से इलेक्ट्रिक व्हीकल का उपयोग बढ़ाने के लिए पहले ईवी वाहन के खरीद पर सब्सिडी देती है। दिसम्बर 2025 तक इस सहूलियत के बाद भी सिर्फ 10 हजार ई व्हीकल एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हुए। संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि जनवरी 2026 से अबतक जनपद में कुल तीन हजार ईवी पंजीकृत हुए हैं। इसमें ई-रिक्शा व ई-बाइक व ई-स्कूटर शामिल हैं।
ई-रिक्शा व ई-बाइक कारोबार से जुड़े व्यापारी भी ईवी बिक्री में उछाल की बात कह रहे हैं। मुख्यालय स्थित व्यापारी राकेश गुप्ता ने बताया कि लोग ईवी की डिमांड पहले की अपेक्षा अधिक कर रहे हैं। फरेंदा के एचएन ईवी के प्रोपराइटर पं. जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद ई-बाइक तेजी से बिक रहा है। प्रति दिन चार से पांच ई बाइक बिक रहे हैं।
इलेक्ट्रिक बाइक के डीलर आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि ई व्हीकल की डिमांड बढ़ते प्रदूषण को रोकने में सक्षम होने के कारण न सिर्फ ईंधन खर्च, बल्कि पर्यावरण के लिए भी उपयोगी है। वह ऐसे ई-रिक्शा को लाने की तैयारी में हैं जिसके ऊपर सोलर पैनल फिट हो और उसे दिन में चार्ज करने की जरूरत न पड़े।