महराजगंज। मीठी गोली मानी जाने वाली होम्योपैथी के प्रति जनपद में लोगों का विश्वास बढ़ा है। पथरी, गिल्टी, घेंघा, हाथ पैर में सूजन व गैस की समस्या में इनका प्रयोग कारगर साबित हो रहा है।
साथ ही यह उपचार पद्धति चेहरे के निखार बढ़ाने, दाग धब्बे, मस्सा दूर करने के काम भी आ रही है। जनपद में सरकारी होम्योपैथी अस्पतालों में पहुंच रहे रोगियों की बात करें तो प्रति माह का औसत 43 हजार से लेकर 45 हजार तक कोविड काल से ही बनी हुई है।
जिले के सभी 26 होम्योपैथी अस्पतालों में से 20 अपने निजी भवन में चल रहे हैं। 19 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर योग की सार्थकता से परिचित कराने का कार्य भी हो रहा है। डाॅ. हैनीमैन की कृतज्ञ है मानवता: बृहस्पतिवार को हैनीमैन जयंती का आयोजन मुख्यालय होम्योपैथिक विंग में हुआ। होम्योपैथी चिकित्सा के जनक सैमुअल हैनीमन की जयंती कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सीएमओ डाॅ. श्रीकांत शुक्ल ने संबोधित करते हुए उनकी शिक्षाओं व शोधों की सराहना की।