एसआईआर से जुड़ी समस्या को सुनते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा।
महराजगंज। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लोग कायदे-कानून को लेकर उलझे नजर आ रहे हैं। नेपाल मूल की वह युवतियां जो भारत में शादी करके आई हैं उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है। वर्तमान में तो फार्म भरकर जमा कर दे रही हैं लेकिन बाद में भी उन्हें अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। कौन सी जानकारी देनी है यह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रेम विवाह करने वाली युवतियां भी संशय में हैं। ठूठीबारी कस्बे की शांति ने बताया कि चार साल पहले ठूठीबारी में शादी हुई है। मायका नेपाल के बुटवल में है। उन्होंने बताया कि फार्म भरकर बीएलओ को दे दिया है लेकिन बाद में कौन सी सूचना दर्ज करनी पड़ेगी। इसे लेकर चिंता सता रही है। बार्डर के करीब स्थित एक गांव में महिला ने बताया कि नेपाल में मायका है। परिवार की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज किया है। परिवार के लोगों से कोई रिश्ता नहीं रह गया है। ऐसे में पति का विवरण भर कर फार्म तो जमा कर दिया है लेकिन बाद में मायके से जुड़ी सूचना लाने में मशक्कत करनी पड़ेगी। यह आने वाले दिनों में समस्या का कारण बन सकती है। इसी तरह से झुलनीपुर गांव की विद्या ने बताया कि वर्तमान में तो कोई समस्या नहीं होगी। पति का विवरण दर्ज कर दिया जाएगा लेकिन अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आने वाले दिनों में क्या होगा।
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) में बीएलओ घर-घर जाकर फार्म भरकर जमा करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने में जुटे हुए हैं। किसी का फोटो नहीं लगा है, किसी के घर में शादी तो कोई शहर से बाहर गया है। साथ ही एसआईआर के कार्य में नेटवर्क की समस्या भी आ रही है। वोटरों की ऑनलाइन 2003 की सूची को खोजने में परेशानी हो रही है। कुछ मतदाता अपने फॉर्म को कहीं रखकर भूल गए हैं। एक परिवार के अगर पांच सदस्य हैं तो दो या तीन के ही फॉर्म भरे गए हैं।
परिवार की मर्जी से इतर घर बसाने वाले भी परेशान : एसआईआर को लेकर सबसे अधिक वे लोग परेशान हैं जिन्होंने परिवार की मर्जी से इतर घर बसाया है। उनको पिता का आधार नंबर कैसे मिलेगा। इस तरह से तमाम लोग हैं। उनके लिए भी समस्या खड़ी है। निचलौल क्षेत्र की एक युवती ने दूसरे समुदाय के युवक से शादी कर ली है। घर वालों से उसका कोई संबंध नहीं है। परिवार के सदस्यों ने भी नाता तोड़ लिया है। ऐसे में उसे पिता का विवरण भरने में समस्या हो रही है।
प्रधान, सभासद, कोटेदार फैला रहे जागरूकता : प्रशासन ने एसआईआर प्रपत्र जमा करने के लिए सभी जिम्मेदारों को मैदान में उतार रखा है। प्रधान, सभासद, जिला पंचायत क्षेत्र पंचायत, कोटेदार, बीईओ, बीडीओ, एडीओ, सचिव, लेखपाल सहित अन्य को लोगों को प्रेरित करने का काम सौंपा गया है। नगर पालिका परिषद की तरफ से विभिन्न मोहल्लों में जागरूकता वाहन को भ्रमण कराकर लोगों को एसआईआर फार्म जमा करने के लिए जागरूक किया गया। ईओ आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी वार्डों में एसआईआर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।