बारिश में बढ़ा फंगस संक्रमण, 30 से 40 मरीज फंगस संक्रमण से प्रभावित
ईएनटी विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं 90 से 100 मरीज
महराजगंज। जिले में लगातार हो रही बारिश और वातावरण में बढ़ी नमी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल के कान, नाक एवं गला विभाग में फंगस संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों रोजाना बड़ी संख्या में मरीज कान में दर्द, खुजली, पानी निकलने, सुनने में परेशानी और संक्रमण जैसी शिकायतें लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 90 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 30 से 40 मरीज फंगस संक्रमण से प्रभावित पाए जा रहे हैं। 10 दिन पहले तक इन मरीजों की संख्या 10-15 होती थी। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के मौसम में हवा में नमी अधिक होने और कई बार नहाते समय कान में पानी चले जाने से फंगस तेजी से पनपता है। यदि समय रहते इलाज न कराया जाए तो संक्रमण बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में कान की विशेष देखभाल जरूरी है। कान में लगातार नमी बने रहने से फंगस संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। कई लोग कान की सफाई के लिए माचिस की तीली, हेयरपिन, चाबी या कॉटन बड का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कान की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंचता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
नहाते समय कान में डाल लें रुई
नहाते समय कान में रुई लगाकर स्नान करें ताकि पानी अंदर न जाए। यदि कान में दर्द, खुजली, पानी निकलना, बदबू आना या सुनाई कम देने जैसी समस्या हो तो घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के कान में किसी भी प्रकार की दवा या तेल डालना नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीज जल्द स्वस्थ हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से बारिश के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, कान को सूखा रखने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लापरवाही न बरतने की अपील की है।